फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharajganj News: रावण का वध होते ही गूंजी श्रीराम की जय-जयकार

Mon, 14 Oct 2024 04:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
विज्ञापन
नौतनवा कस्बे के पड़ाव सब्जी मंडी में रावण का पुतला दहन किया गया।
विज्ञापन
महराजगंज। श्यामदेउरवां कस्बे में स्थित प्राचीन विष्णु मंदिर के मैदान में पिछले नौ दिनों से रामलीला का आयोजन किया गया था। विजयदशमी उत्सव आतिशबाजी और मनमोहक झांकियां निकालकर की गईं। इसके बाद रामलीला का मंचन किया गया। घुघली क्षेत्र के खानपुर में पुतल दहन हुआ।
विज्ञापन

सर्वप्रथम भगवान राम की वानर सेना और रावण की सेना के बीच जमकर युद्ध हुआ। फिर राम और रावण के बीच युद्ध प्रारंभ होता है। रावण का अंत करने के लिए भगवान राम एक के बाद एक तीर छोड़े, जिसके जवाब में रावण ने भी अपनी शक्तियों का प्रयोग किया। तभी रावण के छोटे भाई विभीषण ने रावण को मिले वरदान के बारे में भगवान श्रीराम को बताया। जिस पर श्रीराम ने रावण की नाभि पर तीर मारा जहां अमृत संचित था। तीर लगते ही रावण जमीन पर गिर गया और ढेर हो गया। श्रीराम के अग्नि बाण से मैदान में खड़ा रावण का करीब 20 फीट का पुतला जलकर खाक हो गया। इसके बाद जयघोष के साथ राम का विजय तिलक हुआ और आरती उतारी गई। रामलीला मैदान के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रही। सीओ सदर आभा सिंह व एसडीएम सदर रमेश कुमार ने भी पैदल मार्च कर शांति व्यवस्था का एहसास कराया। इस दौरान ग्राम प्रधान जनार्दन यादव, मनोज पाण्डेय, राजन यादव, राहुल अग्रवाल, जोखन बाबा आदि मौजूद रहे।
नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार, कस्बे के पड़ाव सब्जी मंडी में आयोजित विजयादशमी मेले में शनिवार की शाम 30 फुट रावण का पुतला दहन किया गया। सुरक्षा व्यवस्था में उपजिलाधिकारी नन्द प्रकाश मौर्य, सीओ जय प्रकाश त्रिपाठी, तहसीलदार कर्ण सिंह, प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

इधर, भिटौली क्षेत्र के लक्ष्मीपुर देउरवा में शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन आदर्श रामलीला समिति तिनहवा द्वारा राम रावण युद्ध एवं राम का अयोध्या वापसी का मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह एवं ब्लॉक प्रमुख ओम प्रकाश जायसवाल ने किया।
निवास अली को विरासत में मिली रावण का पुतला बनाने की कला
घुघली। गंगा जमुनी तहजीब अगर कहीं देखना है तो घुघली विकास खंड के बसंतपुर गांव में आईए। आजादी के पहले से ही दशहरा मेला धूमधाम से मनाया जाता है। यहां रामलीला मंचन के बाद रावण का पुतला दहन भी होता है, लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि निवास अली रावण का पुतला बनाते हैं। इनको यह कला इनके पिता बरकत अली से मिली है। वहीं जाकिर अली राम लक्ष्मण को तैयार भी करते हैं।
निवास अली बताते हैं की जब दशहरा आता है तो हम अपना सब कार्य छोड़कर दशहरा को सफल बनाने के लिए रात दिन एक कर रावण का पुतला बनाने में जुट जाते हैं। बसंतपुर ग्राम सभा के प्रधान प्रतिनिधि सिद्धार्थ सिंह बताते है कि यहां पर रामलीला का मंचन अंग्रेजों की ओर से नामित मुखिया स्व. बृजकिशोर लाल ने रखी थी। उन्होंने बताया कि रामलीला में एक बार रावण का किरदार निभाते थे, मगर पूरे वर्ष रावण के संबोधन से इनका नाम था स्वर्गीय तिवारी उर्फ रावण बाबा यही रामलीला की तैयारी भी करते थे।
डाॅ. अरुण कुमार मिश्रा ने बताया दशहरा आते ही सभी लोग आपस से मिलकर सब कार्य करते हैं। उसी दिन सभी मजहब एक होकर कार्य करते हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग भी रावण, अंगद सहित कई पात्र रामायण का रोल निभाते हैं। इसी क्रम में ग्राम सभा खानपुर में भी लगभग 40 वर्षों से रावण का पुतला बनाकर जलाया जाता है। इस गांव में भी मुस्लिम हामिद की भूमिका मुख्य रूप से रहती है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें