युवक का शव घर पहुंचा तो लगी गांव वालों की भीड़ ।
पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है पुलिस
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उजागर हुआ मौत का कारण
फरेंदा। क्षेत्र के मथुरानगर फुलवरिया निवासी अरविंद चौधरी (28) की मौत सिर व शरीर पर गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी। उसके शरीर पर करीब 13 जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। पोस्टमार्ट रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। पुलिस मामले में पांचों आरोपियों को हिरासत में लेकर अभी भी पूछताछ कर रही है।
फरेंदा थाना क्षेत्र के मथुरानगर के फुलवरिया निवासी अरविंद चाैधरी की हत्या पुरानी रंजिश को लेकर सोमवार की रात हो गई थी। उसकी मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों व ग्रामीणों ने गोरखपुर-सोनौली हाईवे को जाम कर दिया था और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस ने परिजनों व ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए तत्काल आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
देर रात युवक का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो हालात बेकाबू हो उठी। ग्रामीणों को शांत करने के लिए पुलिस की कई टीमें गांव में लगा दी गईं। पूरी रात हालात को लेकर पुलिस सतर्क रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, युवक के शरीर पर गई जगह गहरे चोट के निशान मिले हैं। साथ ही सिर पर भी गंभीर चोट हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि युवक की हत्या बेरहमी से की गई है। प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र कुमार राय ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर उनसे पूछताछ की जा रही है।
अंतिम संस्कार तक गांव में पुलिस का रहा कड़ा पहरा
फरेंदा। मंगलवार की देर शाम अरविंद चौधरी का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों की चीख-पुकार के आगे सबकी आंखें नम हो उठीं। मां तारामती व पिता इंद्रसेन बेटे के शव के पास दहाड़े मारकर रो रहे थे। वहीं चारों बहनें भाई के शव से लिपट कर रो-रोकर बेसुध हो जा रहीं थीं। बहनें अपने इकलौते भाई की मौत से गहरे सदमें में हैं। परिजनों को गांव के लोग ढाढ़स बंधाने में जुटे रहे। रिश्तेदार व अन्य लोग आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सुरक्षा को देखते हुए आरोपियों के घर के सामने पुलिस की तैनाती कर दी गई है। गांव में पीएसी की गाड़ी भी पहुंची। पीएसी के जवानों ने गांव में मार्च भी किया। शव का अंतिम संस्कार कराने को लेकर पुलिस को पसीना बहाना पड़ा। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार को राजी हुए। मृतक का अंतिम संस्कार करमैनीघाट पर पुलिस की निगरानी में हुई। पिता इंद्रसेन ने बेटे के चिता में आग लगाया तो माहौल गमगीन हो उठा। संवाद