कोरोना की वजह से करीब 1000 ऑपरेशन टले
महराजगंज। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से सबसे ज्यादा प्रभाव नान कोविड मरीजों को हो रहा है। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद होने के साथ गंभीर मरीजों को ऑपरेशन न होने की समस्या से जूझना पड़ रहा है। फिलहाल जिला अस्पताल में ऑपरेशन से नाम पर डिलीवरी हो रही है। नगर के कुछ निजी अस्पतालों को छोड़ किसी अस्पताल में गंभीर मरीजों का ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है।
निजी अस्पतालों में पांच फीसदी गंभीर मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में जिले में करीब 1000 ऑपरेशन टल चुके हैं। कोरोना संक्रमण से पहले मार्च में जिला अस्पताल में प्रत्येक माह पथरी, हार्निया, आंख और दांत, नसबंदी आदि के करीब 400 ऑपरेशन प्रतिदिन होते थे, लेकिन एक माह से इस पर विराम लगा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन पांच से 10 प्रसव के ऑपरेशन होते थे। एक अनुमान के अनुसार निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 100 से 120 ऑपरेशन हुआ करते थे, जो अब निगेटिव रिपोर्ट होने पर पांच से दस तक सीमित हो गए हैं। निजी चिकित्सकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण फिलहाल ऑपरेशन की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। बेहद इमरजेंसी में ही आपरेशन किया जा रहा है।
जिला अस्पताल में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएन वर्मा ने बताया कि प्रत्येक माह मोतियाबिंद के करीब 200 ऑपरेशन होते थे। इन दिनों बंद हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शंभू सिंह ने बताया कि हड्डी रोग से जुडे़ करीब 30-35 ऑपरेशन होते थे। अब नहीं हो रहे हैं। परिवार नियोजन एवं लॉजिस्टिक जिला प्रबंधक मुकेश त्रिपाठी ने बताया कि 120 नसंबदी जिले में हर माह होती थी। कोरोना की वजह ठप है।
जिला अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी की सुविधा चालू है। इमरेजेंसी केस में ऑपरेशन किए जा रहे हैं। अन्य ऑपरेशन की सुविधा शासन से दिशानिर्देश मिलने पर शुरू कर दिए जाएंगे।
डॉ. एके श्रीवास्तव, सीएमओ