महराजगंज। अप्रैल में धूप की तल्खी के कारण बढ़ रहा तापमान लोगों को परेशान करने लगा है। पिछले चार दिन से न सिर्फ धूप की तीव्रता बढ़ी है, बल्कि तेज पछुआ के कारण गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। मौसम विभाग का मानना अप्रैल में ऐसा मौसम एंटी साइक्लोन के कारण बनी हुई है।
महाराष्ट्र के निकट ऊपरी वायुमंडल में विषम चक्रवात की परिस्थिति शुष्क व गर्म हवा को सीधे पूर्वी यूपी की तरफ जाने के लिए दबाव बढ़ा रही है जिससे हीटवेव की परिस्थिति अप्रैल में ही देखने को मिलने लगी है। गर्म हवाओं की तीव्रता के कारण लगातार अधिकतम व न्यूनतम तापमान में इजाफा हो रहा है। बुधवार की बात करें तो अधिकतम तापमान 40 डिग्री का आंकड़ा पार कर गया और 42 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। 24 न्यूनतम पारा रहा। सुबह 9 बजे से पछुआ की रफ्तार बढ़ती है जिसका प्रभाव शाम चार बजे तक बना रहता है।
हीटवेव प्रभावित कर रहा कामकाज
शास्त्रीनगर निवासी निकिता गुप्ता, जगमती गुप्ता ने बताया कि सुबह तो बच्चे स्कूल आराम से चले जाते, लेकिन दोपहर में उन्हें लाने के समय परेशानी होती है। डर लगा रहता की बच्चों पर हीटवेव का प्रभाव न पड़े। कारोबारी अमित वर्मा व अनिल कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि दिन में धूप व तेज गर्म हवाओं के कारण पूरे दिन दुकानदारी ठप रहती क्योंकि ग्राहक हीटवेव की परिस्थितियों में बाहर निकलने से परहेज करते हैं। बिक्री सुबह 10 बजे तक या शाम पांच बजे के बाद ही बढ़ती है। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रामअशीष ने बताया कि अप्रैल में शुरू हुई हीटवेव की परिस्थितियों ने नमी सुखाने का काम तेज कर दिया है। स्थिति यह है कि सब्जी उगाने वाले किसानों को हर रोज सिंचाई करनी पड़ रही जिसके चलते सब्जियों की लागत में इजाफा हो रहा है।
अलनीनो परिस्थिति की संभावना
मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर के गर्म होने से उत्पन्न होने वाला अल नीनो वायुमंडलीय परिसंचरण को बदलकर मानसूनी हवाओं को कमजोर कर देता।अबतक 2009 व 2022 में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी जब बारिश का ग्राफ अलनीनो ने घटाया। इस बार भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। ऐसे में सिर्फ दिन ही नहीं रात का तापमान भी बढ़ेगा।
एंटी साइक्लोन की परिस्थितियों के कारण तापमान में वृद्धि के साथ हीटवेव की संभावना उत्पन्न हो रही है। अगले चार दिन तक अधिकतम व न्यूनतम दोनों तापमान बढ़ेंगे। रविवार से स्थितियों में सुधार की संभावना बन रही है।
अतुल कुमार सिंह, प्रभारी, आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र