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Maharajganj News: आनंदनगर-महराजगंज रेल मार्ग... गजट में जमीन ज्यादा, अवार्ड में कम

Mon, 29 Jul 2024 03:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
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लक्ष्मीपुर शिवाला में रेलवे को लेकर चर्चा करते लोग।
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महराजगंज। प्रस्तावित आनंदनगर-महराजगंज-घुघली रेल मार्ग में जिन किसानों की जमीन रेलवे ट्रैक में गई हैं, उनका आरोप है कि गजट में जितनी जमीन है, उतने का अवार्ड में अंकन नहीं है। इससे मुआवजा कम मिलने की आशंका से वह परेशान हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। अवार्ड में जितना अंकन होगा, उतनी ही जमीनें ली जाएंगी।
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रविवार को लक्ष्मीपुर सिवाला गांव के उत्तर टोला शिव मंदिर पर पहुंचने के बाद एक चाय की दुकान पर नजर पड़ी। यहां कुछ लोग प्रस्तावित रेल मार्ग के दायरे में आने वाली जमीनों के बारे में चर्चा कर रहे थे। सभी का यही कहना था कि गजट में जितनी जमीनें अंकित की गई हैं, उसके हिसाब से मुआवजे की बात नहीं की जा रही है। रकबा में हेरफेर हो रहा है। कुछ समझ में नहीं आ रहा है। पूछने पर सटीक जानकारी नहीं मिल रही है।
चाय की दुकान पर बैठे इंद्रजीत कहने लगे कि नियम कैसे बना है, कुछ समझ में नहीं आ रहा है। मुआवजा कितना बनेगा, यह भी किसी को सटीक पता नहीं है। इनको रोकते हुए सुरेश पटेल कहने लगे की समस्या का समाधान कराने के लिए सबको एकजुट होना पड़ेगा। यह लोग बात कर रहे थे कि अवधेश ने नियम कानून की बात शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि गजट भी हो गया है।
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जमीन का रकबा भी अंकित हो गया है तो संशय कहां से हो रहा है, यह जानने की जरूरत है। जितना रकबा है, उतने का मुआवजा बनना चाहिए, लेकिन लग रहा है कि रकबे में झोल किया जा रहा है। पप्पू गिरी कहने लगे की पहले जो गजट हुआ है, उससे दूसरी बार वाले गजट में अंतर है। लेखपाल से पूछने पर सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। भूमि अध्यप्ति कार्यालय पर जाने के बाद भी सही जानकारी नहीं मिल सकी।
कृषि भूमि का मुआवजा मिलने की बात पर आक्रोश, कोर्ट जाने की तैयारी
आनंदनगर महराजगंज घुघली प्रस्तावित रेल मार्ग में एक दूसरी समस्या यह कि जमीनों का भाव कम देने का आरोप है। लोगों का कहना है कि ज्यादा रकम देकर जमीन खरीदी गई है, लेकिन मुआवजा कम बन रहा है। अगर बात नहीं बनी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। रविवार को महुअवा में प्रभावित लोगों ने बैठक कर समस्याओं पर चर्चा की। लोगों ने कहा कि व्यवसायिक रेट पर जमीन ली गई है तो कृषि का मुआवजा क्यों दिया जाएगा। युसूफ अली, ओम प्रकाश पटेल, यशपाल, विजय कुमार पटेल, गुड्डन दुबे, विनय मिश्रा, विश्व शर्मा, दीनदयाल विश्वकर्मा, कुलदीप कुमार राय आदि ने आक्रोश प्रकट किया।
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