-परिषदीय विद्यालयों में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। परिषदीय स्कूलों की कायाकल्प योजना का सच परतावल ब्लाॅक के परिषदीय स्कूलों में देखा जा सकता है। यहां हालात ये हैं कि स्कूलों का कायाकल्प कराने में सिर्फ कोरम की पूर्ति की गई है। लाखों का बजट खर्च होने के बावजूद स्कूलों में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। मरम्मत के अभाव में शौचालय खराब हैं। बदहाल व्यवस्था के बीच 28 जून से पढ़ाई शुरुआत की जाएगी।
प्राथमिक विद्यालय बसहिया बुजुर्ग में लगा आरओ दो साल से खराब है। विद्यालय में लगाई गई टोंटी टूट चुकी हैं। इंडिया मार्का हैंडपंप के पास पानी रुक जाता है। फर्श पर गंदगी फैली है। चारदीवारी के बगल में भी गंदगी फैली है। गांव के फूलचंद ने बताया कि वर्ष 2021 में इस विद्यालय में आरओ लगाया गया था। कुछ ही दिनों तक मशीन सही ढंग से चल पाई।
प्राथमिक विद्यालय अमवा में लगे हैंडपंप से दूषित जल निकलता है। हैंडपंप के फर्श पर पानी इकट्ठा हो रहा है। बरामदे में कूड़ा कचड़ा एकत्र है। शौचालय की स्थिति भी कुछ ठीक नहीं है। ग्राम सभा पिपरिया में स्थित प्राथमिक विद्यालय के बगल में स्थित नाली जाम है। नाली में गंदगी भरी है। चारदीवारी की रंगाई पुताई भी नहीं हुई है। इंडिया मार्का हैंडपंप से भी शुद्ध पानी नहीं निकलता है। प्राथमिक विद्यालय श्यामदेउरवां में रंगाई पुताई तो हुई है, लेकिन भवन काफी पुराना है। इंडिया मार्का हैंडपंप की भी स्थिति दयनीय है। स्कूल के बाहर लगाया गया साधारण हैंडपंप भी दूषित पानी दे रहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि जहां कमियां हैं, वहां ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।