बस स्टेशन के पास स्थित मस्जिद में ईद की नमाज अदा करते नमाजी।
- फोटो : MAHARAJGANJ
महराजगंज। जिले में बकरीद पर्व परंपरागत ढंग से मनाई गई। सुबह 9:30 बजे नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने मुल्की की सलामती की दुआ मांगी। एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद कुर्बानी का दौर शुरू हुआ। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस अपने-अपने थाना क्षेत्रों की मस्जिदों व आसपास सतर्क रही।
नौतनवां, परतावलं, निचलौल, मिठौरा, घुघुली, सिसवा बाजार, फरेंदा एवं सदर में नमाज अदा कर अमन-चैन की दुआ की गई। कोरोना महामारी को देखते हुए मस्जिद के इमामों ने दो शिफ्टों में नमाज अदा कराया।
मिठौरा मदरसे के प्रधानाचार्य मौलाना जियाउद्दीन ने बताया कि कुर्बानी का त्योहार हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम के द्वारा अल्लाह को खुश करने के लिए प्यारे बेटे इस्माइल की दी गई कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। ईद उल अजहा का संबंध कुर्बानी से है। यह एक माध्य है, जिससे बंदा अल्लाह की खुशी हासिल करता है।
नौतनवां संवाद के अनुसार नगर के मस्जिदों में बुधवार सुबह बकरीद की नमाज अदा की गई। मुस्लिम समाज के लोगों ने कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए अल्लाह की इबादत की। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एसडीएम राम सजीवन मौर्य, सीओ कोमल प्रसाद मिश्र एवं थानाध्यक्ष राजेश कुमार पांडेय क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। चौक संवाद के अनुसार डीसी मनरेगा अनिल चौधरी और थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने क्षेत्र में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मदरसा दारुल उलूम कूद्दूसिया अहले सुन्नत फखरुल ओलुम परसौनी में इमाम मोहम्मद उमर ने नमाज अदा कराया। मुस्लिम धर्मावलंबियों का मानना है कि सबसे प्रिय जानवरों का कुर्बानी देने से अल्लाह खुश होते हैं। डीएम डॉ. उज्ज्वल कुमार ने बताया कि जिले के प्रमुख स्थानों पर अधिकारियों की तैनात की गई थी। शांतिपूर्ण ढंग से बकरीद मनाया गया। एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि पुलिस सतर्क रही।