महराजगंज/फरेंदा। बैंक का धन हड़पने के मामले में ईडी ने अजीत पांडेय को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को उनके पैतृक गांव पकडीहा में लोगों के आने-जाने का क्रम जारी रहा।
आसपास के लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, अजीत पांडेय अपने गांव वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। अजीत पांडेय और जिला पंचायत सदस्य दीपू पांडेय खास बताए जाते हैं। जो सपा नेता व पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के करीबी हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं हैं। कोल्हुई क्षेत्र के पकडीहा गांव में अजीत पांडेय एक दिन पूर्व परिवार के सदस्य के शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। जहां पर 16 अप्रैल को परिवार के सदस्य का तिलक व 20 अप्रैल कोा शादी है। उसी में शामिल होने के लिए पहुंचे तो मोबाइल के लोकेशन के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने सोमवार को गांव में सुबह पांच बजे ही छापा डाल दी। जहां पर पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी के गंगोत्री इंटरप्राइजेज के नाम से बैंक से 754 करोड़ रुपये हड़पने के मामले में कंपनी में काम करने वाले अजीत पांडेय व उनके परिजनों से करीब 14 घंटे तक पूछताछ की।
उनकी गिरफ्तारी को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। जबकि जिला पंचायत सदस्य दीपक पांडेय ने ईडी की कार्रवाई को गलत बताते हुए परिवार के साथ दुर्व्यवहार की बात कही है। उन्होंने बताया कि अजीत पांडेय का यहां से कोई लेना देना नहीं हैं उसके बावजूद कार्रवाई का तरीका गलत है। वहीं क्षेत्र के कुछ लोग ईडी का छापा राजनीतिक षड़यंत्र से जोड़कर देख रहे हैं। गांव के लोगों के मुताबिक अजीत पांडेय गांव में बहुत कम आते थे।
लखनऊ में ही रहते थे। गांव में पारिवारिक कार्यक्रमों में ही अक्सर आते हैं। वह लखनऊ में ठेकेदारी भी करते हैं। इसके अलावा अन्य किसी गतिविधि के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। मंगलवार को गांव के लोग कार्रवाई पर चर्चा कर रहे थे। लोग ईडी की कार्रवाई से आश्चर्यचकित हैं। उनको समझ में नहीं आ रहा है की यह सब कुछ कैसे हो गया।