महराजगंज-निचलौल। हैलो किसान भाई! पिछली बार आपके धान का क्रय केंद्र पर तौल हुआ था। जी सर...तो कब गेहूं लेकर आ रहे हैं। नहीं ला पाऊंगा, क्योंकि बाजार के अपेक्षा क्रय केंद्र पर दाम काफी कम है।
मंगलवार को गौरा निपनियां गांव के किसान बाबूलाल गुप्ता गन्ने की सिंचाई कर रहे थे। इसी बीच उनके मोबाइल फोन घंटी बजी। फोन उठाते ही क्रय केंद्र प्रभारी ने पूछा बाबूलाल जी बोल रहे हैं। बाबूलाल ने कहा हां, तो केंद्र प्रभारी ने कहा कि गेहूं बेचने कब आ रहे हैं। इस पर उन्होंने कहा कि नही ला पाऊंगा। क्योंकि सरकारी क्रय केंद्र पर दाम कम है।
इसी तरह खोन्हौली गांव के किसान इंद्रजीत गुप्ता के पास केंद्र से फोन आया। फोन उठाते ही पूछा गया कि किसान भाई धान का केंद्र पर तौल हुआ है, गेहूं का क्या हुआ। सर जी...दरवाजे पर गेहूं का अच्छा दाम मिलने पर बेच दिया।
शीशगढ़ गांव के किसान बरामदे में बैठ कुछ लोगों से धान की नर्सरी डालने पर चर्चा कर रहे थे। इसी बीच फोन आया। फोन उठाते ही पूछा गया कि किसान भाई आपका धान समय से केंद्र पर तौल हो गया था। गेहूं अब तक क्यों नहीं आया। सर इस वर्ष पैदावार कम हुआ है। अच्छे कीमत पर बगैर साफ-सफाई के दरवाजे से व्यापारी के हाथ बेच दिया।
जिला खाद्य विपरण अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि शासकीय हित के लिए कार्य किया जा रहा है। किसान स्वतंत्र हैं। जहां उचित मूल्य मिलेगा, वहां फसल बेच सकते हैं। फिलहाल केंद्र पर गेहूं बेचने वाले किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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खरीद के लिए ग्राम प्रधानों की होगी बैठक
विभाग के कुछ कर्मचारियों के मुताबिक गेहूं खरीद न होने से मुसीबतें बढ़ रही हैं। किसानों को जागरूक करने पर भी खरीद में तेजी नहीं आ रही है। ऐसे में विभाग के जिम्मेदार ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर खरीद में तेजी लाने की रणनीति बना रहे हैं।
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सबसे अधिक पीसीएफ के हैं केंद्र
गेहूं खरीद के लिए सबसे अधिक 68 पीसीएफ के केंद्र बनाए गए। 26 क्रय केंद्र खाद्य विभाग के हैं। गेहूं खरीद के लिए 176 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र शुरू हुए एक माह नौ दिन बीतने के बाद भी 665 किसानों से 168 क्रय केंद्रों पर महज 16 हजार 81 क्विंटल गेहूं की खरीदारी की जा सकी है।