ग्राम प्रधान के पक्ष में धरना देने जा रही महिलाआें को गिरफ्तार करती पुलिस।
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महराजगंज। घुघली थाना क्षेत्र के पकड़ी सिसवां में ग्राम प्रधान और कोटेदार के विवाद को लेकर सोमवार को डीएसओ के साथ दुर्व्यवहार के मामले ने मंगलवार को गंभीर रुख अख्तियार कर लिया। डीएसओ की शिकायत पर मंगलवार सुबह ग्राम प्रधान के पति समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी के बाद मामला बिगड़ गया। गुस्साए गांव वाले गांव में ही प्रदर्शन करने लगे। मामला शांत कराने पहुंची यूपी 100 की गाड़ी के चालक को गांव वालों ने पीट दिया और 10-12 ट्रैक्टर ट्राली से महराजगंज पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने 28 गांव वालों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़ी सिसवां गांव में एहतियातन फोर्स तैनात कर दी गई है।
पकड़ी सिसवा गांव के सैकड़ों लोगों के जिला मुख्यालय पहुंचने की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली इंस्पेक्टर श्रीकांत राय पुलिस फोर्स लेकर जिला सपा कार्यालय के सामने पहुंचे तो बड़ी संख्या में हैं तो उन्होंने जिले भर की फोर्स मौके पर बुला ली। फोर्स ने घेराबंदी कर दो दर्जन से अधिक महिला व पुरुषों को गिरफ्तार करने लगी। उसी दौरान कुछ लोग हास्टल की ओर तो कुछ लोग दुकान व जिला अस्पताल में छिपने लगे। पुलिस ने ढूंढ-ढूंढ कर लोगों को गिरफ्तार कर लिया। सभी लोगों को पुलिस लाइन ले जाया गया। मौके पर एएसपी हरगोविंद व सदर इंस्पेक्टर श्रीकांत राय ने बताया कि पकड़ी सिसवा गांव के 28 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसी गांव की 51 महिलाओं को मुचलके पर छोड़ दिया गया है।
सोमवार को कोटा बहाली के मामले को लेकर ग्राम प्रधान के पति तरेश पटेल के नेतृत्व में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया था। राशन कार्ड सूची में अपात्रों का नाम दर्ज करने का आरोप लगाकर प्रधान प्रतिनिधि तरेश पटेल के नेतृत्व में डीएम कार्यालय पर धरना देते समय थानाध्यक्ष रमाकर यादव व जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की गई थी। इस पर प्रशासन ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया। मंगलवार को घुघली पुलिस ने ग्राम प्रधान के प्रति समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर थाने लाई। इस पर गांव के लोग और भी नाराज हो गए। कुछ समय बाद 100 नं की गाड़ी सुरक्षा के दृष्टि से गांव में आई। गाड़ी चालक सिपाही सियाराम सिपाहियों के संबंध में पूछ ही रहा था कि गांव के लोगों ने उनको पकड़ कर पीट दिया। वह लहूलुहान हो गए। घुघली पुलिस ने गांव के 80 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं गांव वालों का कहना है कि जो लोग उक्त घटना में शामिल नहीं थे, उन्हें भी पुलिस परेशान कर रही है।