परतावल। श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के एक एजेंट ने परतावल के दो बेरोजगारों को फर्जी वीजा पर दुबई भेज दिया। वहां पर उनसे जबरन काम कराया जा रहा है।मना करने पर पिटाई की जा रही है। पीड़ितों के परिजन ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मदद की गुहार लगाई है।
जालसाजी का पता युवाओं को तब चला जब वह फर्जी वीजा पर दुबई पहुंच गए। यहां एजेंट ने जो वादा किया था वहां जाने के बाद सीधे उसके विपरीत हो गया।बेहतरीन कंपनी में काम की जगह उनसे कुछ और काम कराने का दबाव बनाया जाने लगा।
जब युवाओं ने काम करने से इंकार कर दिया तो वहां के एजेंट ने उनकी बेरहमी से पिटाई कर कमरे से बाहर निकाल दिया। अच्छी नौकरी का सपना संजोए युवक अब दर-दर की ठोकर खाने को मजबूर हैं। दुबई की सड़कों पर भटकते हुए उनका वीडियो वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में वह भारत वापस बुलाने की गुहार लगा रहे हैं। भूख से तड़प रहे युवकों को अनहोनी की आशंका सता रही है। उनका कहना है कि एजेंट के पास फोन करने पर वह फोन रिसीव नहीं कर रहा है। घर के लोग उसके घर जा रहे हैं तो जान से मारने की धमकी दे रहा हैं।
जानकारी के अनुसार, श्यामदेउरवां थाना क्षेत्र के नगरौली निवासी चंद्रभान शर्मा ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर बताया कि मैं अपने पुत्र विकास शर्मा तथा भतीजा अजय शर्मा को रोजी रोजगार के लिए विदेश भेजना चाहता था।
इसी दौरान हमारी मुलाकात लक्ष्मीपुर भरगांवा निवासी एक व्यक्ति से हुई। उसने मेरे बेटे और भतीजे को विदेश में अच्छी नौकरी दिलवाने की बात कही।
मैं उसके झांसे में आ गया। एजेंट ने एक लाख चालीस हजार रुपये लेकर गोरखपुर के सिंघड़िया में एक पैथालॉजी पर भेजा जहां मेडिकल करवाने के नाम पर सात हजार रुपये लिए गए।
उक्त एजेंट ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी वीजा और कूटरचित दस्तावेज के आधार पर मेरे बेटे विकास शर्मा और भतीजे अजय को 10 दिसंबर को दुबई भेज दिया।
वहां जाकर प्रार्थी के बेटे और भतीजे को बंधक बनाकर मजदूरी कराई जा रही है। मानदेय भी नहीं दिया जा रहा है। विरोध करने पर उन्हें मारापीटा जा रहा है। जब मैंने विदेश भेजने वालों से संपर्क करने पर वे मारपीट पर उतारू हो जा रहे हैं। बच्चों को वापस बुलाने की बात पर दोबारा रुपये की मांग कर रहे हैं।