महराजगंज। सोनौली से जुड़े सोना तस्करों के नेटवर्क खंगालने के दौरान सीमा क्षेत्र के 167 संदिग्ध कारोबारी चिह्नित किए गए हैं। इनका मामूली कारोबार और अकूत कमाई का रिकॉर्ड देखकर खुफिया एजेंसियां भी चकित हैं। संदिग्धों के बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है। इंटेलिजेंस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सोना तस्करी से जुड़े मामले की हर अपडेट गृह मंत्रालय खुद ले रहा है।
जनपद के सोनौली अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर पिछले पांच दिन से केंद्रीय व राज्य स्तर की एजेंसियां डेरा डाले हुए हैं। एजेंसियां नेपाल के रास्ते हो रही सोने की तस्करी के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। जांच के दौरान एजेंसियों ने 167 ऐसे संदिग्ध कारोबारियों को चिह्नित किया है जिनका कारोबार तो छोटा है लेकिन उन्होंने बहुत अधिक कमाई की है। यह सभी सीमा के नोमैंस लैंड के आसपास रिहाइश बना चुके लोग हैं।
सूत्रों के अनुसार इनमें कोई चाट व कुल्फी विक्रेता है तो कोई हैंडलूम कारोबार से संबंध रखता है। जांच एजेंसियों ने अपनी पड़ताल में पाया कि इनकी रिश्तेदारी नेपाल में होने के कारण यह नियमित तौर पर नेपाल जाते रहते हैं। चिह्नित 167 कारोबारियों की सूची गृह मंत्रालय को भी भेजी गई है।
सेंट्रल व स्टेट खुफिया तंत्र के सक्रिय होने से यह साफ हुआ है कि संदीप जायसवाल का परिवार नेपाल का है। ऐसे में संदीप के पिता को सीएलटू (शराब का) लाइसेंस कैसे मिला इसकी जांच शुरू हुई है। जिला आबकारी अधिकारी अतुल चंद्र द्विवेदी ने बताया कि नेपाली नागरिक को आबकारी विभाग से लाइसेंस कैसे मिला इसकी जांच शुरू की गई है। आबकारी इंस्पेक्टर निचलौल व सदर को जांच सौंपी गई है। तीन दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।