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Maharajganj News: दुधमुंही बच्ची की मौत के बाद मां शव लेकर पहुंची एसपी कार्यालय

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एसपी कार्यालय पर मृतक बच्ची को लेकर पहुंची महिला। 
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सूचना मिलते ही चौक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की
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दो फरवरी को जमीन के विवाद के बाद दुधमुंही बच्ची को खेत में फेंकने का आरोप
महराजगंज। चौक थाना क्षेत्र में भूमि विवाद को लेकर हुए मारपीट के मामले में बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो जाने से सनसनी फैल गई। बच्ची की मौत के बाद सोमवार सुबह उसकी मां शव लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गई और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगी। अचानक एसपी कार्यालय में शव पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही चौक थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
थाना क्षेत्र के सिहुली परसा गांव निवासी पिंकी ने बताया कि उसकी जेठानी के नाम दर्ज मकान को लेकर गांव के कुछ लोगों से विवाद चल रहा है। आरोप है कि दो फरवरी की सुबह करीब 10 बजे कुछ लोग एकजुट होकर उनके घर पहुंचे और जबरन कब्जा करने की कोशिश करने लगे। इसका विरोध करने पर पहले उसकी जेठानी के साथ मारपीट की गई। इसके बाद बीच-बचाव करने पहुंची पिंकी के साथ भी अभद्रता की गई और गाली-गलौज करते हुए घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसका बाल पकड़कर घसीटते हुए घर से बाहर निकाल दिया और घर में रखा सामान भी तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया।
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पिंकी के अनुसार, इसी दौरान उसकी गोद में मौजूद दुधमुंही बच्ची को छीनकर खेत में फेंक दिया गया, जिससे बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। शोर-शराबा सुनकर गांव के अन्य लोग मौके पर पहुंचे, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। घटना के बाद बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजन उसे इलाज के लिए पहले स्थानीय स्तर पर और बाद में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उपचार किया लेकिन बच्ची की हालत में सुधार नहीं हो सका। सोमवार सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मच गया और मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बच्ची की मौत के बाद आक्रोशित मां शव लेकर सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गई। उसने पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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बच्ची लंबे समय से बीमार थी
अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बच्ची के शरीर पर किसी प्रकार के स्पष्ट चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों से पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि बच्ची लंबे समय से बीमार थी। सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना के दिन पीड़िता, उसकी जेठानी और जेठ के विरुद्ध चौक थाने में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया था। भूमि विवाद और मारपीट से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
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