महराजगंज। जनपद की सभी मस्जिदों में अकीदत के साथ आखिरी जुमे की नमाज अदा की गई। रोजेदारों ने जुमे की नमाज अदा कर अल्लाह से जहन्नम से आजादी की दुआ की। इस दौरान सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क रही। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की गई। मुकद्दस रमजान के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज पढ़कर नम आंखों से दुआएं मांगी गई।
जनपद के नौतनवा, परतावल, घुघुली, निचलौल, पनियरा, धानी, बृजमनगंज, लक्ष्मीपुर, मिठौरा, सिंदुरिया आदि क्षेत्रों के सैकड़ों मस्जिदों में रमजान महीने के आखिरी जुमे को अलविदा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। जनपद के सभी मस्जिदो में अलविदा की नमाज पढ़ने के लिए मुस्लिम समुदाय के बच्चे-बूढ़े, युवाओं की भारी भीड़ जमा रही। रमजान महीने के आखिरी अशरे (हिस्से) जहन्नम से आजादी का 24वां रोजा चल रहा है।
इस अशरे में रोजेदार अल्लाह से जहन्नम से आजादी की दुआ मांग कर अपने गुनाहों का प्रायश्चित करते हैं तो अल्लाह उसके सारे गुनाहों को माफ कर रोजेदारों की मांगी गयी दुआ कुबूल देता है। सिंदुरिया स्थित हुसैनिया मस्जिद में इमाम हाफिज अब्दुल रज्जाक ने अलविदा नमाज अदा कराई।
तकरीर (संबोधित) करते हुए उन्होंने कहा कि अगर चांद नहीं दिखाई दिया तो अगले जुमे को भी अलविदा की नमाज हो सकती है। रमजान के महीना हमारी आंखों से रुखसत हो रहा है।