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आजादी के बाद वायु सेवा ने प्रमुख रूप से पांच युद्ध लड़ा : प्राची

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पीजी कालेज सभागार में एनसीसी विभाग के द्वार गोष्ठी का आयोजन किया गया।संवाद
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रक्षा अध्ययन विभाग एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय वायु सेवा दिवस मनाया गया
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जवाहरलाल नेहरू स्मारक पीजी कॉलेज महराजगंज में रक्षा अध्ययन विभाग एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय वायु सेवा दिवस मनाया गया।
रक्षा अध्ययन विभाग की प्रभारी प्राची कुशवाहा ने विषय प्रवर्तन करते हुए भारतीय वायु सेवा की स्थापना आठ अक्तूबर 1932 को हुई थी। आजादी के बाद भारतीय वायु सेवा ने प्रमुख रूप से पांच युद्ध लड़े। इसमें पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में अपना अतुलनीय साहस एवं शौर्य का परिचय देते हुए भारत की सुरक्षा व्यवस्था से पूरे विश्व को परिचित करवाया। साथ ही उन्होंने आठ अक्टूबर को भारतीय वायु सेना दिवस पर प्रयागराज में संपन्न एयर शो का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह एयर शो एशिया का सबसे बड़ा एयर शो था।
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वरिष्ठ आचार्य डॉ. सिद्धार्थ नाथ शुक्ल ने भारतीय वायु सेवा की उत्कृष्ट सामर्थ्य शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय वायु सेना विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायु सेना है, यह देश की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण निकाय है। भारतीय वायु सेना दिवस, देश के युवाओं में एक नई उमंग और प्रेरणा भरने का काम करता है। सहायक आचार्य डॉ. राजू शर्मा ने भारतीय वायु सेवा की उपलब्धियां एवं शक्ति सामर्थ्य के बारे में बताया।
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