हापुड़ की घटना के विरोध में अधिवक्ताओं में आक्रोश, कसूरवारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग, दूरदराज से आए वादकारी लौटे घर
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। दीवानी न्यायालय गेट पर अधिवक्ता शनिवार को डटे रहे। वादकारी अंदर प्रवेश नहीं कर सके। अधिवक्ताओं के आक्रोश को देखते हुए पुलिस सतर्क रही। अधिवक्ताओं ने कहा कि मांगे पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हापुड़ की घटना में कसूरवारों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी मांगों को पूरा किया जाए। मांगे पूरी नहीं हुई तो अधिवक्ता आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
शनिवार को सुबह 10 दीवानी न्यायालय गेट पर अचानक माहौल गर्म हो गया। काफी संख्या में अधिवक्ता गेट पर पहुंचे तो पुलिस भी सतर्क हो गई। सभी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश प्रकट करने लगे। शनिवार को ही राष्ट्रीय लोक अदालत लगना था। दूरदराज से वादकारी मुकदमों का निस्तारण कराने के लिए आ रहे थे। आने के बाद उनको पता चला कि गेट बंद है। अंदर नहीं जाने के लिए मिलेगा तो घर चले गए। कलेक्ट्रेट मोड पर ऑटो में बैठने जा रहे रहे मदन कुमार ने बताया कि अड्डा बाजार से आया हूं। अधिवक्ताओं की हड़ताल के बारे में जानकारी थी, लेकिन आज की घटना के बारे में पता नहीं था। सोचा था लोक अदालत में समस्या निस्तारित हो जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
तेजी से पैदल झोला लेकर दीवानी न्यायालय जा रहे यासीन अंसारी ने बताया कि भाई जल्दी न्यायालय जाना है। कर्ज लिया था, उसी का नोटिस मिला है। लोग अदालत में मामले को निस्तारित कराना है। उन्हें नहीं पता था कि अंदर जाने के लिए नहीं मिलेगा। इसी तरह से दूरदराज से आने वाले तमाम वादकारियों ने अपनी पीड़ा को बयां किया। वादकारियों को वापस घर जाना पड़ा। अधिवक्ता गेट पर ही डटे रहे। अंदर कुर्सियां खाली पड़ी थी। बार कौंसिल आफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सुशील श्रीवास्तव एडवोकेट पूर्व महामंत्री के नेतृत्व में लोक अदालत का बहिष्कार किया गया। वकील प्रजापति, अखिलेश प्रजापति, कलाम, बैजनाथ यादव, अकबर अली, केबी, अभय गिरी ,राजेश्वर सिंह, शकील अहमद आदि मौजूद रहे।