फरेंदा। मुड़िला ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। पंचायत उप चुनाव में भी किसी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया। अब गांव के प्रशासक के रूप में एडीओ पंचायत को नियुक्त किया गया है। वह ग्राम प्रधान के रूप में कामकाज देखेंगे।
एडीओ पंचायत राम आसरे ने बताया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मुड़िला को अनुुसूचित गांव के आरक्षित किया गया था। लेकिन उस दौरान गांव में कोई भी व्यक्ति अनुसूचित जनजाति न होने के कारण ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं हो सका। रिक्त ग्राम सभा की सूचना फिर शासन को भेजी गई लेकिन मुड़िला दोबारा अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया। कोई इस जाति का व्यक्ति न मिलने के कारण इस बार भी ग्राम प्रधान की सीट पर नामांकन नहीं होने से खाली रह गयी।
बताया कि गांव में वार्ड पांच व झामट का भी एक वार्ड अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है। वहां भी कोई प्रत्याशी नहीं होने से वार्ड खाली रहेंगे। फरेंदा के जंगल जोगियाबारी का तीन वार्ड, परसा महंथ का एक वार्ड पर ग्राम पंचायत सदस्य का पर्चा दाखिल न होने से पद रिक्त रहेंगे। सभी जगहों पर प्रशासक के रूप में एडीओ पंचायत कार्य भार देखेंगे।