घुघली कस्बे की दो दुकानों में डुप्लीकेट तार सहित अन्य सामान मिलने पर दो दुकानदारों पर केस दर्ज
दिवाली के पर्व में होने वाली खरीदारी का फायदा उठा में लगे धंघेबाज
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। ब्रांडेड के नाम पर बाजार में नकली सामानों की भरमार है। दिवाली के पर्व के मद्देनजर बाजार में काफी संख्या में डुप्लीकेट इलेक्ट्रिक सामान बिक रहे हैं। ऐसे में इसकी खरीदारी करने से पहले असलियत पर ध्यान रखने की जरूरत है। हैवेल्स कंपनी के इंजीनियर की जांच में नकली सामानों के बिक्री का खुलासा हुआ है। इसी तरह से अन्य कंपनियों के सामानों का डुप्लीकेट मिल रहा है, जो आसानी से पकड़ में नहीं आते हैं। त्योहारी सीजन में खरीदारी करने के दौरान सचेत रहने की जरूरत है। नहीं तो जो असली के दाम में नकली सामान लेकर घर जाना पड़ेगा। डुप्लीकेट सामान बेचने पर दो दुकानदारों पर केस भी दर्ज हो चुका है।
कर्मचारी कॉलोनी अलवर राजस्थान के रहने वाले आशीष यादव ने बताया कि हैवेल्स इंडिया लिमिटेड कंपनी में इंजीनियर हूं। वायर स्पेशलिस्ट जांचने के लिए अधिकृत हूं। जिसका मेरे पास प्रमाणपत्र भी है। दो नवंबर को अंशुमान साहा, समीर साहू व नंदलाल फील्ड आफिसर के साथ घुघली कस्बे में जांच की। घुघली में इलेक्ट्रिक दुकानों पर नकली तार एवं नकली स्टेबलाइजर मिला।
पुलिस टीम को साथ लेकर घुघली के पांडे इलेक्ट्रानिक्स की दुकान पर पहुंचा। वहां प्रोपराइटर अविलाश पांडेय निवासी जोगिया मोड मेन रोड घुघली मिले। उनसे पूछताछ की गई। हैवेल्स तार के स्टाॅक को जांचा गया तो सभी तार नकली मिले। मनीष इलेक्ट्रिक मेन रोड घुघली में प्रोपराइटर मुकेश कुमार से स्टाॅक की जांच कराने को कहा गया तो स्टाॅक में स्टेबलाइजर जिस पर हैवेल्स कंपनी का नाम व लोगो छपा हुआ मिला, जो कंपनी बनाती ही नहीं है। चार स्टेबलाइजर मिले। सभी सामानों की पुलिस टीम के समक्ष दुकानदार की सहमति से थाना घुघली लेकर पहुंचा। सभी तार की जांच करने पर नकली मिले।
थानाध्यक्ष घुघली नीरज राय ने बताया कि आरोपी अभिलाष पांडेय निवासी जोगिया मोड़ घुघली व मुकेश कुमार निवासी घुघली के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
-
त्योहार देखकर डुप्लीकेट सामानों को खपाने की तैयारी
महराजगंज। जिले के घुघली कस्बे में डुप्लीकेट सामान बिकने की पोल खुलने पर सभी हैरत में हैं। त्योहार को देखते हुए इलेक्ट्रिक सामान ही नहीं अन्य जरूरी सामानों के डुप्लीकेट की भरमार है। पड़ोसी देश नेपाल में दशहरा धूमधाम से मनाया जाता है। अवैध धंधे से जुड़े लोग डुप्लीकेट सामान सस्ते में लाकर निपटाने में जुटे हैं। महराजगंज शहर के अलावा घुघली, फरेंदा, सिसवा, ठूठीबारी, नौतनवा, सोनौली समेत अन्य स्थानों पर दुकानें सजी हैं। ग्राहकों को असली व नकली में फर्क करने में मुश्किल हो रही है। करोड़ों के सामान को खपाने की व्यवस्था बना ली गई है। डुप्लीकेट में कोई एक कंपनी ही नहीं कई ब्रांडेड कंपनियों से मिलते जुलते नाम के सामान बाजार में उपलब्ध हैं। बहुत बारीकी से देखने पर किसी को फर्क समझ में आएगा।
किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले इस बात का जरूर ध्यान दें कि इसकी पैकेजिंग कैसी की गई है। पैकेजिंग को अगर आसान भाषा में समझा जाए, तो जैसे आप स्मार्टफोन को खरीदने जा रहे हैं, स्मार्टफोन आपको कवर बॉक्स में मिलता है। ऐसे में इस बात को अच्छे से देख लें कि कहीं फोन का बॉक्स खोला तो नहीं गया है। बॉक्स के ऊपर लगी प्लास्टिक कवर से कहीं छेड़छाड़ तो नहीं की गई है। कोई भी कंपनी अपने पैकेजिंग के साथ कोई समझौता नहीं करती है। जबकि लोकल प्रोडक्ट की पैकेजिंग हमेशा खराब रहती है।
- राघवेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, आईटीएम
किसी भी कंपनी की पहचान उसका लोगो होता है। अगर आपको किसी भी प्रोडक्ट पर शक हो रहा है, तो उसके लोगो को ध्यान से देखें। कोई भी कंपनी अपने लोगो को इस तरह बनाती है कि उससे कॉपी करना मुश्किल होता है। उदाहरण के लिए अगर आप एप्पल का कोई भी नकली प्रोडक्ट खरीदते हैं तो उस प्रोडक्ट को असली प्रोडक्ट के सामने रखने पर आप देखेंगे कि दोनों के लोगो में अंतर है। नकली प्रोडक्ट का एप्पल डिजाइन या तो उलटा होगा या फिर इसके साइज में कोई अंतर होगा। यानी नकली प्रोडक्ट को पकड़ने के लिए लोगो एक बड़ा टूल होता है।
अन्नूश्री श्रीवास्तव, सहायक आचार्य, इलेक्ट्रिकल विभाग आईटीएम
-
त्योहारी सीजन शुरू हो चुका है। खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ है। कोई खाने का सामान खरीद रहा है तो कोई पहनने के लिए जूते और कपड़े। प्रसाद और पूजा की थाली तक की मांग है। ऐसे में नकली सामान का कारोबार करने वालों ने भी चांदी काटने की तैयारी कर ली है। बिजली के सामानों में असली पहचानना मुश्किल है। भरोसे वाली दुकान से खरीदारी करने की जरूरत है।
- सौरभ कुमार वर्मा, सुभाष नगर
-
डुप्लीकेट सामान की पहचान जरूरी है। प्रतिस्पर्धा के दौर में अगर कोई सामान रेट से बहुत कम में मिल रहा है तो इस पर लोगों को विचार करना चाहिए। ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए ब्रांडेड सामानों को दुकान पर मंगाया जाता है।
- सुमित वर्मा, इलेक्ट्रिक दुकानदार, शास्त्री नगर
-
स्कैनर की सहायता से स्कैन करके जानकारी लें
बीटेक इलेक्ट्रिक अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रिकल सामान की एक लंबी श्रृंखला है। जैसे पंखा, हीटर, प्रेस, कूलर, फ्रिज, टीवी, वाशिंग मशीन आदि हो सकते हैं। यह सभी सामान निर्धारित मानक पर टेस्ट नहीं किए गए हैं तो समस्या उत्पन्न कर सकते हैं। सभी कंपनियां उत्पाद के लिए एक बार कोड देती हैं, जिसको स्कैनर की सहायता से स्कैन करके उसे उत्पादन के मूल्य, प्रयोग की निर्देश के साथ-साथ उत्पाद के साथ जुड़ी ब्रांड की गारंटी को भी देखा जा सकता है।