आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मेनका गांधी का पुतला जलाया।
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प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सक्सेना चौराहे पर बाल विकास मंत्री मेनका गांधी का पुतला जलाया और आधा घंटे तक चक्का जाम किया। जिलाध्यक्ष सरिता जायसवाल ने कहा की बाल विकास मंत्री मेनका गांधी से राज्य सभा डाक्टर सत्या नरायन जाटिया की ओर से सवाल किया गया की आंगनबाड़ी कर्मचारियों को स्थाई किया जाए या मानदेय में बढोत्तरी की जाए।
मेनका गांधी ने जवाब नहीं दिया। उन्होंने अतिरिक्त मानेदय की धनराशि का गिनाया। उन्हे यह जानकारी होनी चाहिए की आंगनबाड़ी सेंटर केंद्र सरकार की है। केवल प्रदेश सरकार अंशदान देती है। अगर मेनका गांधी अपने दायित्वों का निवर्हन ठीक ढंग से नहीं कर पा रही है तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। संरक्षक नागेंद्र दूबे ने कहा कि प्रधानमंत्री के नाम तीन सुत्रीय ज्ञापन भी सौंपा गया।
उन्होंने बताया की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मिनी आंगनबाड़ी व सहायिका को 10 बजे से सायं चार बजे तक कार्य नियमित किया जाए। राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने की मांग की जाए। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी नहीं है तो सरकारी कार्यो को क्यों कराया जाता है। इसलिए सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान ब्लाक अध्यक्ष मंजू गौड़, मंजू सिंह, सरिता प्रजापति, कुमुद कामिनी, चंदा देवी, आशा जायसवाल, संगीता रौनियार, प्रमिला त्रिपाठी, मंजू सिंह, सुशीला सिंह, मीरा दूबे, अनीता त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।