शोध पात्रता परीक्षा के लिए आए हैं कुल 2715 आवेदन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय व संबद्ध कॉलेजों में पीएचडी में प्रवेश के लिए शोध पात्रता परीक्षा (रेट 2025-26) 27 और 28 मार्च को होगी। दो-दो पालियों में पहले दिन 20 और दूसरे दिन 26 विषयों की परीक्षा होगी। इसके लिए प्रवेश पत्र 22 मार्च से डाउनलोड किए जा सकेंगे।
प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष ''''रेट'''' में 46 विषयों के कुल 2715 अभ्यर्थी शामिल होंगे। सभी अभ्यर्थियों को समय से पहले प्रवेशपत्र डाउनलोड कर परीक्षा केंद्र की जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी गई है। परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देश प्रवेशपत्र पर उपलब्ध रहेंगे। पीएचडी में 866 फुल टाइम सीटें हैं, जबकि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों की 90 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा।
पार्ट टाइम पीएचडी को लेकर दिशा-निर्देश जल्द
इस सत्र में भी विभिन्न विषयों की 55 सीटों पर पार्टटाइम पीएचडी में प्रवेश लिया जाएगा। इसके लिए लगभग 150 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। पार्टटाइम पीएचडी को लेकर जल्द ही दिशा-निर्देश जारी होंगे।
तिथि व पालीवार परीक्षा कार्यक्रम
27 मार्च को इन विषयों की परीक्षा
प्रथम पाली (सुबह 09 से 10:30 बजे तक) : राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, मनोविज्ञान, गणित, पर्यावरण विज्ञान, अंग्रेजी, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, वनस्पति विज्ञान व हिंदी।
द्वितीय पाली (अपराह्न 03 से 4:30 बजे तक) शिक्षाशास्त्र, समाजशास्त्र, भौतिकी, माइक्रोबायोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, दर्शनशास्त्र, रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन, विधि, मैकेनिकल इंजीनियरिंग तथा इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी।
28 मार्च को इन विषयों की परीक्षा
प्रथम पाली (सुबह 09 से 10:30 बजे तक) : प्राणी विज्ञान, भूगोल व कृषि संकाय के सभी विषय।
दूसरी पाली (अपराह्न 03 से 4:30 बजे तक) : प्राचीन इतिहास, बायोटेक्नोलाॅजी, व्यवसाय प्रशासन, दृश्य कला, संस्कृत, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान, फार्मेसी, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग।
बोलीं कुलपति
इस संबंध में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि परीक्षा में शुचिता और पारदर्शिता पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। पहली बार इस परीक्षा में स्व-वित्तपोषित पाठ्यक्रमों के पीएचडी कार्यक्रम को भी शामिल किया गया है, इसलिए अभ्यर्थियों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। प्रवेश प्रकोष्ठ ने परीक्षा कार्यक्रम तैयार करने में पूरी सावधानी बरती है ताकि किसी अभ्यर्थी को असुविधा न हो।