महराजगंज। शहर में बढ़ते यातायात का दबाव कम करने के लिए नौ किलोमीटर लंबा बाईपास बनेगा। यह बाईपास पिपरा बाबू से लेकर केएमसी अस्पताल तक प्रस्तावित है। इस पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से इस परियोजना के लिए सर्वे शुरू हो गया है। शहर के कई प्रमुख स्थानों पर जाम की समस्या बनी रहती है। सक्सेना चौक, रजिस्ट्री कार्यालय, मऊपाकड़ रोड, एसबीआई बैंक और बलिया नाला पर सुबह और शाम के समय वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
इससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नया बाईपास बनने के बाद भारी वाहनों को शहर के अंदर से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। इससे यातायात का भार कम होगा और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी। इस बाईपास से शहर की प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा और दुर्घटनाओं में भी कमी आने की संभावना है। एनएचएआई की ओर से बाईपास निर्माण के लिए संभावित रूट का सर्वे कार्य शुरू हो गया है।
इस दौरान सड़क की चौड़ाई, जमीन अधिग्रहण की जरूरत और अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद इस परियोजना की डीपीआर तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट में सड़क निर्माण, भूमि अधिग्रहण, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास को शामिल किया जाएगा।
शहर में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ बनाएं रखने के लिए 9 किमी लंबा बाईपास बनेगा। किस रुट से बाईपास जाएगा। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। इसके लिए सभी प्रक्रिया को पूरा की जा रही है।
-शांभवी तिवारी, सहायक अभियंता, एनएचएआई