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Maharajganj News: गम और गुस्से के बीच जागती आंखों में कटी रात

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ग्रामीणों के लिए अबूझ पहेली बनकर रह गई है मासूम रिमझिम की मौत
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युवक की करतूत और मासूम रिमझिम की मासूमियत की पूरी दिन होती रही चर्चा
न बच्चे खुद खेलने निकले न ही लोगों ने बच्चों को घर से निकलने दिया
संवाद न्यूज एजेंसी

निचलौल। थाना क्षेत्र के मुसहर गांव लेदी में बीते मंगलवार दिन में हृदय विदारक घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा रहा। यहां पर गम और गुस्से के बीच जागती आंखों में जैसे-तैसे लोगों की रात कटी। गांव के कई घरों में चूल्हा नहीं जला। बुधवार को भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा। न बच्चे खुद खेलने निकले न ही लोगों ने बच्चों को घर से निकलने दिया। पूरे दिन हर किसी की जुबान पर घटना का जिक्र होता रहा। हर कोई मासूम रिमझिम की मासूमियत और आरोपी दीपक की क्रूरता का जिक्र करता दिखा। लोगों को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर सामान्य सा दिखने वाला दीपक क्रूर कैसे बन गया।

लेदी के रहने वाले मोतीचंद, रामकुआस, ज्ञान, रामभारती घटनास्थल पर बैठे दिखे। इन लोगों से बातचीत करने पर इन्होंने कहा कि गांव में करीब 90 घर हैं। जहां की आबादी करीब 2100 के आसपास है। इस गांव में अधिकांश मुसहर समुदाय के लोग रहते हैं। गांव के ज्यादातर लोग आसपास के गांवों में जाकर मजदूरी करते हैं। कुछ वर्षों से युवा रोजी-रोटी के सिलसिले में परदेश भी जाना शुरू कर दिया है। गांव में कोई व्यक्ति सरकारी नौकरी नहीं करता है। इन लोगों ने बताया कि गांव के रहने वाले गनेश धनिकार की बड़ी बेटी रिमझिम उर्फ सुष्मिता (5) मंगलवार को गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद घर आई। उसके बाद कुछ बच्चों के साथ दरवाजे पर पेड़ की छांव में खेलने लगी।
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इसी बीच पड़ोस के ही रहने वाला आरोपी दीपक साइकिल लेकर आ पहुंचा। उसके बाद साइकिल की सीट पर हाथ रखने की बात को लेकर मासूम रिमझिम की धारदार बकुआ से हत्या कर दी। आरोपी युवक काफी शांत स्वभाव का था। उसकी यह क्रूरता समझ में नहीं आ रही है। वहीं, मासूम रिमझिम के चेहरे की मुस्कान नजरों से नहीं हट रही। घटना के बाद से गांव के अधिकांश घरों में चूल्हा नहीं जला है। घटना के दिन की पूरी रात गम और गुस्से की बीच कटी।

क्षेत्राधिकारी अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि पोस्टमार्टम कराकर देर शाम को रिमझिम के शव को परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी दीपक ने धारदार हथियार से मासूम रिमझिम के गले पर वार कर हत्या की थी। आरोपी को जेल भेज दिया गया।

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रात 8 बजे मासूम के शव हुआ दफन
घटना की सूचना पाकर लेदी गांव पहुंचे मृत मासूम रिमझिम के नाना रामप्रवेश निवासी बरवा मीर छापर थाना रामपुर कारखाना जिला देवरिया ने कहा कि अचानक घटना की सूचना पाकर वह सन्न हो गए। उन्होंने कहा कि मृत रिमझिम के शव को पोस्टमार्टम के बाद रात करीब 8 बजे गांव से दक्षिण तरफ जंगल के किनारे पुलिस और लोगों की मौजूदगी में दफन कर दिया गया।


क्यूआरटी की टीम सुरक्षा के लिए रही तैनात
मासूम रिमझिम की मौत से गांव के हर व्यक्ति के दिल में गम और चेहरे पर गुस्सा देखने को मिला। घटना के बाद गांव में पुलिस के उच्चाधिकारियों ने भी मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया। पीड़ित परिवार को ढांढस बताकर हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया। वहीं, सुरक्षा को लेकर घटना की पूरी रात पुलिस लाइन की क्यूआरटी टीम और स्थानीय पुलिस सुरक्षा में लगी रही। बुधवार पूरे दिन भी घटनास्थल पर पुलिस मौजूद रही।


जर्जर आवास में रहता है पीड़ित परिवार
मृत मासूम रिमझिम की दादी फेकनी देवी का गला बैठा हुआ था। वह साफ से बोल नहीं पा रही थीं। किसी तरह उन्होंने कहा कि करीब 15 डिस्मिल जमीन है। वह बेटे बलू और दो पोती के साथ जर्जर इंदिरा आवास में गुजर बसर कर रही हैं। बेटा परदेश में रहकर रोजी रोजी के लिए मजदूरी करता है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि दिनेश शर्मा ने कहा कि पीड़ित परिवार के किसी भी सदस्य का नाम आवास सूची में नहीं है। नाम दर्ज कराकर आवास दिलाने का प्रयास करेंगे।
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आरोपी दीपक के घर में लटक रहा ताला
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी दीपक के परिवार में पिता कालीचरण, माता शिला और छोटा भाई दीपू के अलावा एक बहन उर्मिला है। घटना के दौरान आरोपी के पिता कालीचरण पत्नी शीला का इलाज कराने के लिए गए। जबकि बहन उर्मिला एक स्कूल में पढ़ने गई थी। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी दीपक को पकड़ ले गई। उसके बाद अन्य परिजन घर छोड़कर फरार हो गए।
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