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भाला घोंपकर वृद्ध की हत्या

Wed, 19 Mar 2014 05:30 AM IST
Maharajganj
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महराजगंज/पुरैना। पकड़ियार विशुनपुर में होली के दिन मामूली विवाद में कुछ लोगों ने भला घाेंपकर एक वृद्ध की हत्या कर दी। बीच बचाव करने गए दो बेटे, पत्नी समेत चार लोगों को घायल कर दिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां एक की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस ने छह लोगों पर मुकदमा दर्ज पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
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घुघली थाना क्षेत्र के पकड़ियार विशुनपुर निवासी मनोज व विनोद होली के दिन बाइक से कहीं से आ रहे थे। दोनों गांव के मंदिर के पास पहुंचे थे कि उनकी बाइक गांव के केश्वर से टकरा गई। इसे लेकर दोनों के बीच कहा सुनी हुई। आरोप है कि केश्वर ने उनकी बाइक अपने कब्जे में ले ली। गांववालों के बीच बचाव के बाद मामला शांत हुआ। लेकिन अंदर ही अंदर मामला सुलग रहा था। होली के दिन करीब एक बजे केश्वर समेत एक दर्जन लोग विनोद के घर के समीप कच्ची शराब के अड्डे पर गए और छककर शराब पी। वहां से वे लोग विनोद के घर पहुंचे। वहां उसका पिता रामसकल (60) मिल गया। रामसकल से उन लोगों ने ‘खिलाने पिलाने’ को कहा, जिस पर उसने पिलाने से मना कर दिया। जिसको लेकर दोनों में मारपीट हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे लोग रामसकल को घसीटते हुए ले गए और गांव के एक व्यक्ति के खेत में भाला घोंपकर हत्या कर दी। बचाव करने गए उसके बेटे मनोज (25), विनोद (20) पत्नी चंद्रावती (55) व गांव के विदेशी (54) को भी धारदार हथियार से घायल कर दिया। सभी घायलों को कप्तानगंज अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां रामसकल को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बाकी घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया जहां मनोज की हालत नाजुक है। जानकारी मिलने के बाद एसपी शरद सचान भी मौके पर पहुंचे।
रामसकल के घरवालों की तहरीर पर पुलिस ने केश्वर, शंभू यादव, सतीश ओझा, छत्तर यादव, रामजीत यादव और विनय पर हत्या, हत्या के प्रयास व दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया है।
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15 दिन पहले ही घर लौटे थे
रामसकल कोइलरी में काम करते थे। इस माह रिटायर हो जाने के बाद घर आए थे।
एक घंटे तक चलता रहा खूनी खेल
महराजगंज। एक घंटे तक गांव में खूनी खेल चलता रहा लेकिन गांव का कोई व्यक्ति बीच बचाव करने नहीं पहुंचा। घटनास्थल से चौकी की दूरी अधिक होने के कारण पुलिस को पहुंचने में वक्त लगा। मारपीट जैसे ही शुरू हुई एक व्यक्ति ने इसकी जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम व स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस मौके पर रवाना हो गई लेकिन तब तक रामसकल दम तोड़ चुका था।
एक साल पहले भी हुआ था विवाद
बताया जा रहा है कि आरोपी छत्तर यादव से भी एक साल पहले विनोद का विवाद हुआ था। तभी से मामला सुलग रहा था। केश्वर और विनोद से विवाद के बाद केश्वर व छत्तर एक हो गए और एक साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया।
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बनती है शराब
रामसकल के घर के समीप लगभग हर घर में कच्ची शराब का धंधा लंबे समय से चल रहा है। कच्ची शराब के इन अड्डों पर आए दिन मारपीट होती है।
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