महराजगंज। भ्रष्टाचार के केस में फंसे सर्वशिक्षा अभियान के संविदा लिपिक दिनेश मिश्रा के नौकरी की फाइल और सर्विस बुक विभाग से गायब है। डीएम के निर्देश पर इस बाबू को बर्खास्त करने की कार्रवाई चल रही है। फाइल नहीं मिलने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
दिनेश मिश्रा सर्वशिक्षा अभियान में एजुकेशनल मैनेजमेंट इनफारमेशन सिस्टम (ईएमआईएस) के इंचार्ज पद पर कार्यरत हैं। इसके अलावा स्कूल भवन निर्माण, चहारदीवारी निर्माण का कार्य देखने की भी जिम्मेदारी थी। 17 अक्टूबर से दिनेश मिश्रा विभाग को बिना सूचित किए गायब हैं। 19 अक्टूबर को गोरखपुर के एक होटल से रुपये के साथ इनकी गिरफ्तारी के बाद इनके गायब रहने की पोल खुल गई। दिनेश मिश्रा को बर्खास्त करने की कार्रवाई चल रही है। निलंबन के लिए गुुरुवार को जब इनकी नौकरी की फाइल ढूंढी गई तो वह विभाग में नहीं मिली। इससे विभाग में हड़कंप मच गया। सूत्रों पर यकीन करें तो इनकी फाइल जानबूझकर गायब कर दी गई है। नवागत बीएसए जयप्रकाश ने तत्काल फाइल उपलब्ध कराने की चेतावनी दी।
सभी कर्मचारियों की फाइल उनके पास
महराजगंज। सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय के कर्मचारी बीएसए पर भारी पड़ रहे हैं। अधिकांश कर्मचारियाें ने अपनी सर्विस बुक और नौकरी की फाइल विभाग में नहीं जमा कराई है। अधिकांश कर्मचारी अपनी फाइल अपने पास ही दबाए बैठे हैं। गुुरुवार को आरोपी यशवंत सिंह और दिनेश मिश्रा की फाइल खोजन के बाद यह बात सामने आई।
सर्वशिक्षा अभियान कार्यालय में जिला समन्वयक प्रशिक्षण त्रयंबक मणि त्रिपाठी, सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी ऋषितोष कुमार सिन्हा, सामुदायिक सहभागिता राजेश कुमार गुप्ता, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा/बालिका शिक्षा कृष्ण कुमार सिंह, जिला समन्वयक निर्माण वीरेन्द्र सिंह, लेखाकार यशवंत सिंह, आशुलिपिक राममूर्ति, ईएमआईएस इंचार्ज दिनेश कुमार मिश्रा, वाहन चालक इरफान अहमद, अनुचर बालकृष्ण, भोरिक प्रसाद और मंजय कुमार की तैनाती है। इनमें से कृष्ण कुमार सिंह, वीरेन्द्र सिंह आदि कर्मचारियों की फाइल विभाग से गायब है। नियम के मुताबिक कर्मचारियों की नौकरी की फाइल और सर्विस बुक विभाग में जमा होनी चाहिए, लेकिन कर्मचारियों ने अपनी फाइलों को अपने ही पास रख लिया है। बीएसए जयप्रकाश का कहना है कि फाइल विभाग में नहीं होना गंभीर बात है। फाइलों को मंगाया जा रहा है।