किसान 120 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना बेचने को विवश
जेएचवी सुगर मिल न चलने से परेशान हैं क्षेत्र के गन्ना किसान
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिन किसानों का गन्ना जेएचवी चीनी मिल के तौल केंद्र के लिए आवंटित किया गया है। वह किसान मिल चालू न होने से परेशान हैं। जेएचवी चीनी मिल चालू न होने के कारण किसान अब अगली खेती सहित अन्य जरूरतें पूरी करने के लिए क्रेशर पर मात्र 120 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना बेचने को विवश हैं।
सरकार ने गन्ना किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अगैती फसल का समर्थन मूल्य 325 रुपये प्रति क्विंटल, साधारण गन्ने का समर्थन मूल्य 315 रुपये तथा देर से पैदा होने वाले गन्ने का समर्थन मूल्य 310 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जिले के करीब 18 हजार किसानों का गन्ना जेएचवी चीनी मिल गड़ौरा को आवंटित है। जिन किसानों के गन्ने का आवंटन जेएचवी चीनी मिल के लिए आवंटित है वह परेशान हैं। कारण, दिसंबर माह का आधा समय निकल गया और अब तक चीनी मिल चालू ही नहीं हो पाया है। उधर, किसानों को चिंता सता रही है कि वह अगली फसल की खेती कैसे करेंगे। साथ ही अन्य जरूरतें पूरी करने के लिए भी उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। मजबूरी में किसान अपना गन्ना 120 रुपये प्रति क्विंटल की दर से क्रेशर पर बेच रहे हैं। बहुत से गरीब किसान अपनी उपज को बेच कर खाद, बीच सहित अन्य कृषि निवेश कर ही अगली खेती करते हैं। इसी के साथ इन दिनों शादी विवाह, बच्चों की पढ़ाई लिखाई व परिवार के अन्य आवश्यक खर्च का इंतजाम अपनी उपज बेच कर ही करते हैं। ऐसे में जेएचवी द्वारा मिल न चलाए जाने से किसानों के समक्ष संकट पैदा हो गया है।
जेएचवी मिल प्रबंधक के हठ की वजह से मिल चालू होने के मसले पर संशय बरकरार है। अभी तक मिल नहीं चलने की वजह से किसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए गन्ना क्रेशर को बेचने को विवश है। निचलौल के भाठ क्षेत्र में इन दिनों करीब एक दर्जन दर्जन क्रेशर चल रहे हैं जो बमुश्किल 120 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से गन्ना खरीद रहे हैं। क्षेेत्र के गन्ना बाहुल्य भाठ इलाके के गांव डोमा काटी टोला, डोमा खास, कलनही, बैठवालियां, शितलापुर, बजही, बढ़या आदि गांवों में स्थित दर्जनों क्रेशर धुआं छोड़ने लगे हैं। केन क्रेशरों पर 120 रुपये प्रति क्विंटल का ही दाम किसानों को गन्ना पहुंचाने पर मिल रहा है। भाठ क्षेत्र के गांव बजही में केन क्रशर में गन्ना का पेराई करवाने पहुंचे किसान त्रिलोकी सहानी, मुन्ना, अब्बास अली, भीम गुप्ता, प्रभाकर जायसवाल, अरविंद ने बताया कि मिल नहीं चलने के कारण सस्ते दर पर गन्ना बेचकर जरूरतें पूरी की जा रही हैं। बच्चों की पढ़ाई लिखाई, इलाज आदि की जरूरतें गन्ने बेचकर ही पूरी करते रहे हैं।ं
इस संबंध में जिला गन्ना अधिकारी प्रदीप कुमार ने कहा कि जेएचवी चीनी मिल गड़ौरा को चलवाने के लिए विभाग के साथ ही शासन व प्रशासन भी लगा हुआ है। इस मिल को चलवाने के लिए हर स्तर से प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि किसानों की समस्याएं दूर हो सकें।