महराजगंज। सिसवा बाजार क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाओं को रखने का सिलसिला 1970 में आरंभ हुआ। महज चार जगहों पर देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई। जिसमें पेशे से प्रधानाध्यापक रहे स्वर्गीय राधेश्याम मोदनवाल, स्वर्गीय कृष्ण कुमार सिंह, स्वर्गीय गौरी नाथ रावत (अध्यापक), स्वर्गीय जंग बहादुर सिंह व कस्बे के श्रीराम जानकी मंदिर रोड निवासी व्यवसायी शिवपूजन जायसवाल की तरफ से सबसे पहले सिसवां कस्बे में देवी दुर्गा की प्रतिमा रखी गई। मां दुर्गा समिति, दुर्गा अखाड़ा प्राइमरी पाठशाला स्टेट चौक के नाम से एक नई कमेटी गठित की गई। जो अब शिव शक्ति अखाड़ा प्राइमरी पाठशाला के नाम से प्रसिद्ध है। इसके बाद स्टेट चौक स्थित प्राइमरी पाठशाला, श्रीराम जानकी मंदिर, श्री आदि शक्ति भुअरी माता स्थान व श्री सायर देवी स्थान सहित इन चार प्रमुख स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। स्टेट चौक स्थित प्राइमरी पाठशाला पर आज भी देवी दुर्गा की भव्य प्रतिमा रखने का सिलसिला अनवरत जारी है। दुर्गा प्रतिमा के साथ ही गणेश, लक्ष्मी, सरस्वती व कार्तिकेय की प्रतिमाएं भी स्थापित की जाती हैं। यहां देवी की प्रतिमा की यह खासियत है कि देखने पर ऐसा लगता है कि माता दुर्गा अभी अपने भक्तों से कुछ बोल देंगी। शारदीय नवरात्र के सप्तमी तिथि को पूजन-अर्चन के बाद देवी कपाट दर्शन के लिए खोल दिए जाते हैं और प्रतिमाओं का विसर्जन दशहरा के एक दिन बाद एकादशी को किये जाने की प्रथा है। विसर्जन के दिन नगर में स्थापित सभी प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान समिति के लोग ढोल-नगाड़ों के बीच भक्ति-भाव से नाचते-गाते हैं। आसपास व दूरदराज क्षेत्र से आये हुए श्रद्धालु मां दुर्गा का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।