बस स्टेशन की बजाय तिराहे पर सवारी बैठाते हैं परिचालक
निचलौल। तहसील के पीछे बने नए बस स्टेशन के अंदर रोडवेज बसों का ठहराव न होने से यात्रियों में नाराजगी है। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी चालक व परिचालक रोडवेज की बसें नए बस स्टेशन परिसर में नहीं रोकते हैं।
यहां से संचालित एक दर्जन से अधिक बसों के चालक कस्बे के मुख्य तिराहे पर बसों को खड़ी कर सवारियां बैठाते हैं। व्यापार मंडल के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद अग्रहरि, यात्री सदानंद त्रिपाठी, कैलाश राजभर, विष्णु दत्त पटेल व रागनी देवी आदि का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र का यह कस्बा प्रमुख व्यवसायिक केंद्र हैं। यहां पर निचलौल डिपो की एक दर्जन से अधिक बसों का आवागमन होता है। सीमावर्ती क्षेत्र के ठूठीबारी से गोरखपुर व जनपद महाराजगंज के लिए बसें यहां से चलती हैं। रोडवेज की बसें पहले पुरानी बस स्टेशन पर रुका करती थीं। जहां पर सवारियों को उतारने व बैठाने का काम किया जाता था, लेकिन अब तहसील के पीछे बने नए बस स्टेशन पर रोडवेज के चालक व परिचालक बसों को स्टेशन के अंदर नहीं ले जाते हैं। इससे यात्रियों को परेशानी होती है। इस संबंध में एआरएम भुनेश्वर प्रसाद का कहना है कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिली है। सभी चालकों को बस स्टेशन के अंदर बसों को ले जाने के लिए निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद यदि बसे अंदर नहीं गई तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।