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बारिश के चलते सरकारी बसों में सफर करना मुश्किल

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फाइल फोटो
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महराजगंज। बरसात में रोडवेज बसों में सफर मुश्किल भरा है। बस के अंदर बैठने पर बरसात के दौरान भीग जाना पड़ता है। हालांकि कुछ बसें ठीक हैं। लेकिन ज्यादातर बसों की खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। अगर खिड़की में शीशा लगा भी है तो जाम पड़ा है। खिसकता नहीं है जिससे बरसात होने पर किनारे बैठे लोगों को भीग जाना पड़ता है। कुछ बसें तो ऐसी हैं जिनकी छत से पानी टपकता है। यही नहीं बसों में लगा वाइपर भी खराब पड़ा है जिससे तेज बारिश हो जाय तो जोखिमयुक्त सफर हो सकता है। निचलौल डिपो में 44 बसें हैं। साथ ही 5 बस अनुबंधित है। वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डिपो की लगभग सभी बसें सही हैं और वह सड़कों पर दौड़ रही है, कुछ खराब बसों को कार्यशाला में मरम्मत के लिए भेजा गया है।
‘अमर उजाला’ की टीम ने रोडवेज बस स्टेशन पर जब बसों का हाल देखा तो गोरखपुर जाने वाली दो बसों के शीशे टूटे हुए मिले। इसके अलावा उनके दरवाजे भी जर्जर थे। वहीं, अन्य रूट पर जाने वाली बसों का हाल बुरा मिला। करीब आठ बसों के वाइपर खराब मिले। गोरखपुर जा रहे गौनरियाराजा गांव निवासी मनीष कुमार पांडेय ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकांश बसों की हालत खराब हैं। जरा सी बारिश होने पर पानी अंदर आने लगता है। इसके चलते सीटें भी भीग जाती हैं, जिससे इन पर बैठना मुश्किल होता है। वहीं ठूठीबारी जा रहे दूसरे यात्री शंभू सिंह यादव ने बताया कि सरकार किराया तो बढ़ा रही है लेकिन सुविधाएं घटती जा रही है। बसों की हालत पहले से ही खराब है, बरसात में तो इनमें सफर करना मुश्किल हो रहा है। बताया कि काफी देर से बस का इंतजार कर रहे हैं लेकिन ठीक बस नहीं मिली।
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एआरएम भुनेश्वर प्रसाद ने बताया कि डिपो की लगभग सभी बसें ठीक हैं। कुछ बसें खराब हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए कार्यशाला में भेजा गया है। अभी तक किसी यात्री ने बसों में पानी आने की शिकायत नहीं की है। यात्री सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
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