महराजगंज। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत विभाग के विभिन्न संगठनों के कर्मचारियों और अभियंताओं ने कार्यालय परिसर में बुद्धी शुद्धी यज्ञ कर विभाग के निजीकरण का विरोध किया।
आंदोलित विद्युत अभियंताओं व कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने पांच शहरों गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद में बिजली व्यवस्था का निजीकरण कर तुगलकी फैसला लिया है, जो पूर्णतया अव्यवहारिक है, जिसका संगठन पुरजोर विरोध कर रहा है।
समिति के अध्यक्ष दीपक सिंह ने कहा कि अगर पांचों शहरों में विद्युत निजीकरण की व्यवस्था को वापस नहीं लिया गया तो आगामी नौ अप्रैल को प्रात: आठ बजे से लगातार 72 घंटे का कार्य बहिष्कार करने को बाध्य होंगे। आंदोलनकारी विद्युत कर्मचारी अब आर पार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। इस दौरान इंजीनियर कृष्णानंद, अखिलानंद, तुषार सिंह, आलोक रंजन, उपेंद्र चौरसिया, कार्तिक वर्मा,प्रेमनरायण, विजय कुमार गौड़, मनीष पांडेय, शंभूनाथ चौधरी, एसके सिंह, आईएस सिंह, राघवेंद्र, मनोज, सुनील कुमार, राजेश साहनी, जवाहर, जयप्रकाश, सुदामा गुप्ता आदि मौजूद रहे।