फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोहिन नदी की कटान से दहशत में ग्रामीण

विज्ञापन
विज्ञापन
रतनपुर। पहाड़ी नदी रोहिन में पानी का दबाव बढ़ने से नदी का कटान तेज हो गया है। इससे महदेइया गांव के पचड़िहवा टोले के लोग दहशत में हैं। बाढ़ नियंत्रण विभाग की ओर से लगाए गए ठोकर बह जाने से लोग सहमे हुए हैं। नौतनवां ब्लाक के महदेइया टोला पचड़िहवा के किनारे से बहने वाली रोहिन नदी में बीती रात पानी का दबाव बढ़ गया। इससे गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग भी नदी में बह गया। गांव के लोग खेत में मिट्टी डालकर आने-जाने के लिए रास्ता बनाए हैं। कटान रोकने के लिए जगह-जगह बोरियों में ईंट के टुकड़े डालकर बनाए गए चार ठोकर बह गए हैं। इससे कटान और तेज हो गया है। लोगों ने बताया कि यदि ऐसे ही कटान होता रहा तो पूरा गांव ही नदी में विलीन हो जाएगा। ग्रामीण रामसमुझ यादव, रमसरन यादव, रामवृक्ष, देवीशंकर, शिवशंकर, महेंद्र, रामलखन, मुनीराम, कन्हई, छोटू, तूफानी, चन्नर, रामकुंडल, राजेंद्र, मोलहू आदि लोगों ने मरम्मत कराने की गुहार लगाई है। रामसमुझ यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी तथा उपजिलाधिकारी नौतनवां को रजिस्टर्ड डाक से सूचना दी गई है। यदि मरम्मत कार्य नहीं हुआ तो धरना दिया जाएगा।
विज्ञापन

महाव की बाढ़ से सड़क टूटी, आवागमन ठप
बरगदवां। परसामलिक क्षेत्र के खैरहवा दूबे का सम्पर्क मार्ग बीते चार अगस्त को महाव नाला के झिंगटी के सामने 50 मीटर टूटने से महाव का बहाव इतनी तेज था कि परसामलिक क्षेत्र के नौतनवा-ठूठीबारी मार्ग से छितवनिया के पास से खैरहवा दूबे व नेपाल जाने वाली सड़क का 15 मीटर हिस्सा खतरनाक ढंग से टूट गया। आवागमन ठप होने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। किसी तरह लोग मिट्टी डालकर आ जा रहे थे कि अचानक शनिवार को फिर महाव का जल स्तर बढ़ने से बाढ़ आ जाने से फिर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।
चंदन पुल का एप्रोच धंसा भारी वाहन रोके गए
ठूठीबारी। चंदन नदी का दक्षिणी पूर्वी एप्रोच शनिवार की सुबह धंस गया जिससे भारी वाहनों का आवागमन बंद हो गया तेजी के साथ हो रहे कटान की सूचना पर संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंच कटान रोकने के लिए काम शुरू करा दिया गया। नेपाल के पहाड़ों पर अनवरत बारिश से शनिवार की सुबह 8बजे ठूठीबारी निचलौल मुख्य मार्ग चंदन नदी पर बना पुल का दक्षिणी पूरबी एप्रोच बाढ़ की जद में आ गया और वह धंसने लगा। साथ ही चंदन नदी का जलस्तर ओवर फ्लो होने लगा और कटान तेज हो गया। जैसे ही इसकी जानकारी राहगीरों एवं स्थानीय लोगों को हुई तो भारी वाहनों का आवागमन ठप हो गया। सुरक्षा को देखते हुए सवारी गाड़ियों से यात्रियों को पुल के पहले ही उतार दिया जा रहा है। यात्री पैदल ठूठीबारी चौराहे तक जा रहे हैं। कस्बे के लोगों ने इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी। सूचना पर एडीएम राजेंद्र प्रसाद कश्यप, निचलौल एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद, कोतवाल ओपी चौहान, मनरेगा जेई तकनीकी सहायक रविशंकर पासवान सहित पीडब्लूडी के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामप्रधान प्रतिनिधि राजेश सिंह को मनरेगा से तत्काल कटान स्थल की मरम्मत कराने का आदेश दिया। आदेश के बाद आसपास के ग्रामीणों की मदद से बोरे में मिट्टी डाल कटान स्थल की भराई शुरू करा दी गई।
विज्ञापन


बाढ़ से लक्ष्मीपुर खुर्द गांव जलमग्न
ठूठीबारी। नेपाल के पहाड़ समेत भारतीय क्षेत्र में तीन दिनों से हो रहे भारी बारिश से भारतीय क्षेत्र में बहने वाली नेपाली नदियां उफना जाने से शनिवार की भोर में लक्ष्मीपुर खुर्द गांव में पानी भर गया और लोगों की मुश्किलें बढ़ गई। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के पूरब गंडक नदी होकर बहती है बीती रात नदी उफना गया और देखते ही देखते शनिवार की सुबह तक लक्ष्मीपुर खुर्द गांव में पानी घुस गया।

फिर स्कूल व पुलिस चौकी में बाढ़
ठूठीबारी। लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के दक्षिण गड़ौरा जाने वाले मुख्य मार्ग के सटे पुलिस चौकी समेत प्राथमिक विद्यालय में पानी भर गया। चौकी में पुलिस के जवानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पानी की धारा ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढाई
ठूठीबारी। झरही उर्फ प्यास नदी कटान के रास्ते बह रहे बाढ के पानी ने आसपास के ग्रामीणों की मुश्किलें बढा दी है। ठूठीबारी कोतवाली के ठीक पिछे नेपाल से होकर झरही उर्फ प्यास नदी बहती है जिसका पश्चिमी तटबंध पिछले सप्ताह खेदू दास पटेल टड़हवां के बगीचे के सामने 15 मीटर और पास में ही शेषमणि पटेल के बगीचे के समीप 10 मीटर बंधा कट गया था। ग्रामीण रामसेवक गुप्ता, सुभान अल्लाह, परदेशी आजाद, संजय पाडेय, शंकर पटेल छोटे कुरैशी आदि ने बताया कि विभाग की लापरवाही से अब तक टूटे बंधे की मरम्मत नहीं होने से शनिवार की भोर में नदी के उफान से राजाबारी, टडहवां, रमजिता, नवडिहवां, भरगाही, रमगढवां के सीवान समेत गांवों में पानी भर रहा है। धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर है। चारों तरफ जलमग्न होने से स्थानीय लोगों की दिक्कत बढ़ गई है।

महाव का जल स्तर बढ़ा, घरों में घुसा पानी
बरगदवां। महाव अपनी भौगौलिक स्थिति के कारण दो दर्जन से अधिक गावों पर आफत बनकर टूटता है। जिसके आगे किसान बेबस नजर आते है। हालात यह है कि बरसात भर महाव टूटने व बांधने का सिल सिला जारी रहता है। कई दिनों से हो रही बारिश से बीती रात महाव का जल स्तर बढ़ जाने से फिर महाव के बाढ़ का पानी, छितवनिया, मल्लाह टोली व दोगहरा खैरहवां दूबे में पानी घुस गया। कोहरगड्डी निवासी इंद्रकमल, रियासत, अहमद, मुनीब, मो बारक जोखू, विनोद, नरेश, सुदमा, त्रियोगी, राधेश्याम, बेलास जवाहीर आदि के घरों में महाव का पानी घुस गया है।
लोगों का कहना है कि उनकी दुश्वारियां कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। हम लोगों का भोजन दूसरे घरों में बन रहा है। किसी तरह जीवन यापन किया जा रहा है। छत पर चौकी रख कर स्टोव से भोजन बन रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं को हो रही है। भूसा भीग जाने से दिक्कत बढ़ गई है। पशुओं को पानी में बांधने को मजबूर होना पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय व आंगनबाड़ी केंद्र में पानी घुसने से बच्चे विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं।
हरीराम यादव, जगरनाथ यादव, विनोद वर्मा, इंद्रकमल सहानी, पवन कुमार दूबे, रहीम, सुबास, बेलास आदि ने कहा कि की टूटे महाव तटबंध की जल्द मरम्मत नहीं हुई तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। सड़क जाम कर आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें