संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। स्वामित्व योजना के तहत आवासीय अभिलेख (घरौनी) वितरित करने की रफ्तार सुस्त है। अब तक 78,830 लोगों को जमीन का मालिकाना हक का प्रमाण पत्र मिल चुका है। 2,174 लाभार्थी घरौनी के इंतजार में हैं। 1079 गांवाें की मैपिंग कर राजस्व परिषद को भेजी जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार, जिले में 1102 गांवाें का ड्रोन सर्वे पूरा हो चुका है। गैर आबाद व टाउन एरिया में आने वाले गांवाें का सर्वे नहीं किया गया है। स्वामित्व प्रमाण देने के लिए सर्वे कराया गया है। सदर, नौतनवा, फरेंदा व निचलौल तहसील में टीम ने ड्रोन से सर्वे किया। फरेंदा में 11848 को मिला, 106 लोगों को नहीं मिला है। सदर तहसील में 38071 को मिला, 1605 को नहीं मिला है। इसी तरह से निचलौल तहसील में 20,225 को मिल चुका है। जबकि 173 लाभार्थियों को नहीं मिला है। नौतनवा तहसील में 8686 लोगों को मिल चुका है। जबकि 290 लोगों को नहीं मिला है।
75 गांवों में घरौनी प्रमाण पत्र किया गया वितरित
स्वामित्व योजना के तहत आवासीय अभिलेख (घरौनी) की नौतनवा तहसील में शुरुआत 25 जून 2022 को हुई थी। इसमें कुल 8686 लोगों को धरौनी प्रमाण पत्र वितरित किया गया था। नौतनवा तहसील में कुल 266 गांवों में सर्वे हुआ है। इसमें अभी तक केवल 75 गांवों में धरौनी प्रमाण पत्र वितरित किया गया है।
इन गांवों में घरौनी प्रमाण पत्र वितरित किया गया
नौतनवां तहसील के अचलगढ़, अमवा, आराजी सरकार उर्फ बैरिहवा, करमहवा, कुरहवा खुर्द, कोहड़वल, कौलही, खनुआ, खैरहवा दूबे, गजरहा, गुजरवलिया शंकर मिश्र, घोड़हवा, चड़लहा, चंडीथान, चमैनिया, चमैनिया उर्फ भेड़ही, चैनपुर, चौतरवा, छपवा, छितरापार, जिगिनिहवा, जोगियाबारी, जंगल सोनवल, झिगंटी, देवघट्टी, दोगहरा, नऊवाडीह उर्फ देवपुर, नवाबी घाट, पकरडीहा, पड़ौली, परसा, परसा सुमाली, पिपरहवा, पिपरिया, पिपरिया, पुरुषोत्तमपुर आदि गांवों में घरौनी प्रमाण वितरित किया गया है।
अभी इन गांवों में नहीं मिला प्रमाण
हरदी डाली, कैथवलिया उर्फ, बरगदवा उर्फ गनवरिया, सुकरौली उर्फ अरघा, पुरैनिहा, बरवाभोज, मुड़िला, चंडीथान, सम्पतिहा, जगरनाथपुर, जारा, सुंडी, रेहरा, महुलानी सहित 191 ग्राम पंचायत में अभी भी घरौनी प्रमाण पत्र नहीं बंट पाया है।
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घरौनी के फायदे
जमीन का नंबर मिलने के साथ ही बैंक से कर्ज आदि लेने में गांव में घर की जमीन का पेपर भी लगा सकेंगे। भूमि से जुड़े विवाद भी लगभग कम हो जाएंगे। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।
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स्वामित्व योजना का प्रमुख उद्देश्य एक नजर में
-संपत्ति सत्यापन के लिए एक उन्नत अभिनव और एकीकृत समाधान प्रदान करना।
-ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के लिए सटीक भूमि रिकॉर्ड बनाने के लिए।
-संपत्ति संबंधी विवादों को कम करने और हल करने के लिए।
-ऋण सहित वित्तीय लाभ लेने के लिए लोगों को अपनी संपत्ति का उपयोग करने की अनुमति देकर ग्रामीण भारत में वित्तीय स्वतंत्रता और स्थिरता लाना।
-मानचित्रों एवं भूमि अभिलेख दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति कर का निर्धारण करना।
- भूमि अभिलेखों और जीआईएस आधारित नक्शों का उपयोग करके एक बेहतर गुणवत्ता वाली ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने में सहायता करना।
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लगभग सभी गांवों में ड्रोन सर्वे हुआ है। कुछ गांवों में घरौनी प्रमाण भी वितरित हुआ है। सरकार ने यह अच्छी व्यवस्था लागू की है। अब तो जमीनों का नंबर मिल जाएगा। इससे बैंक से लोन लेने पर घर का स्वामित्व प्रमाण पत्र भी लगाया जा सकेगा।
-जितेंद्र वर्मा, सेखुआनी, ग्राम प्रधान
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स्वामित्व योजना के तहत अब घर का सबका नंबर हो जाएगा। इसमें तेजी नहीं दिख रही है। अभी मुझे घरौनी नहीं मिली है। आने वाले दिनों में मिलने की बात कही जा रही है।
-जयकिशुन यादव, रेहरा
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स्वामित्व योजना में संपत्तियों के मुद्रीकरण को सुगम बनाने और बैंक ऋणों को आसान बनाने, संपत्ति विवादों को कम करने सहित व्यापक ग्राम स्तरीय योजना शामिल है। जिले में सभी गांवों का सर्वे हो चुका है। 2174 लोगों को घराैनी नहीं मिली है। रिपोर्ट राजस्व परिषद को भेज दी गई है। स्वामित्व योजना के तहत गांव के उन लोगों को अपने घर की जमीन का मालिकाना हक मिला है, जो किसी भी सरकारी आंकड़े में दर्ज नहीं थे।
-डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी