फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहीं पारिवारिक पृष्ठभूमि टिकट कटने का कारण तो नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
पिता की स्वच्छ छवि, संघर्षों का फायदा मिला सुप्रिया को
विज्ञापन

कांग्रेस के टिकट बदल देने से जिले में गरमा गई है सियासत
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। इस बार लोकसभा चुनाव में सियासी गणित उलझी नजर आ रही है। भाजपा ने पहले ही पंकज चौधरी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सपा, बसपा, निषाद पार्टी गठबंधन से प्रत्याशी घोषित नहीं हुआ है। अब जबकि कांग्रेस ने अपने पत्ते खोल दिए तो जिले में सियासत गर्म हो गई। दो प्रत्याशियों ने अपनी मजबूत दावेदारी पेश की, लेकिन 24 घंटे के अंदर टिकट बंटवारे में उलटफेर से कोई मायूस हुआ तो कोई खुश। टिकट के इस खेल को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है। राजनीति के जानकारों की मानें तो पारिवारिक पृष्ठभूमि की वजह से तनुश्री का टिकट कट गया, जबकि पिता हर्षवर्धन के संघर्षों एवं स्वच्छ छवि का फायदा सुप्रिया को मिला।
विज्ञापन

चंद रोज पहले मधुमिता हत्याकांड में सजा काट रहे पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की बेटी तनुश्री को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन गुरुवार की रात कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी हुई सूची में तनुश्री के नाम से सियासी हलचल तेज हो गई। अभी उनके समर्थक खुश ही हो रहे थे कि शुक्रवार दोपहर बाद खबर आई कि उनका टिकट कट गया। राजनीतिक जानकारों की मानें तो कांग्रेस हाईकमान ने तनुश्री का टिकट उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि को देखते हुए काटा है। पिता सजा काट रहे हैं। विधायक भाई अमन मणि त्रिपाठी भी सारा हत्याकांड के आरोपी हैं। वहीं कुछ लोगों का मनाना है कि कांग्रेस के टिकट बदलने से ब्राह्मण मतदाता नाराज हो सकते हैं क्योंकि जिले में पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की मजबूत राजनैतिक पकड़ के कारण बड़ी संख्या में उनके समर्थक हैं। इस मुद्दे पर तनुश्री के परिवार की ओर से किसी ने कुछ कहने से इंकार कर दिया। उनका अलग कदम क्या होगा? इसपर अभी संशय बना है। वरिष्ठ कांग्रेेसी नेता गोपाल शाही कहते हैं कि पार्टी ने सही फैसला लिया है। पूर्व सांसद स्वर्गीय हर्षवर्धन की बेटी अपने पिता की ओर से भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू किए गए संघर्षों को जिंदा रखने के लिए चुनाव मैदान में उतरी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें