फरेंदा (महराजगंज)। इंसेफेलाइटिस के रोकथाम व नियंत्रण के लिए सभी का सहयोग जरूरी है। दो अप्रैल से जिले में शुरू होने वाले दस्तक अभियान के लिए जन जागरूकता पैदा करने की जरूरत है। इंसेफेलाइटिस पूर्वांचल के लिए अभिशाप है, इसलिए इसको समाप्त करने के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है। यह बातें रविवार को फरेंदा में ग्राम स्तरीय अधिकारियों व कर्मचारियों सहित ग्राम प्रधान, आशा, एएनएम, लेखपाल, आंगनबाड़ी, शिक्षक व रोजगार सेवकों के लिए आयोजित एक दिवसीय संवेदीकरण कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीएम अमरनाथ उपाध्याय ने कही। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी को लगने की जरूरत है।
डीएम ने कहा कि शासन के मंशा के अनुसार दो अप्रैल से शुरू हो रहे दस्तक अभियान में सभी कर्मचारी हिस्सा ले। ग्राम प्रधान व रोजगार सेवकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं से सवाल के माध्यम से बीमारी के बारे में जानकारी हासिल किया। सीडीओ रामसिंहासन प्रेम ने कहा कि जेई व एईएस के बारे में ग्राम सभा में खुली बैठक के माध्यम से ग्राम स्तरीय अधिकारी लोगों को बीमारी व उसके बचाव के बारे में बताए। सीएमओ डॉ. क्षमा शंकर पांडेय ने कहा कि सावधानियां बरत कर इस बीमारी से निजात मिल सकती है। छोटे हैंडपंप के पानी के प्रयोग से बचे। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा जेई व एईएस के टीकाकरण से वंचित बच्चों को चिह्नित किया गया है। एसडीएम आरबी सिंह ने कहा इंसेफेलाइटिस जानलेवा बीमारी है, लेकिन कुछ सावधानियां बरत कर बीमारी से बचा जा सकता है। हाफिज सुजात फैजे आम चैरिटेबल के सदस्य शफीक अहमद ने कहा कि इंसेफेलाइटिस बीमारी के खिलाफ अधिकारियों के साथ स्वयंसेवी संस्थाएं बराबर के हिस्सेदारी निभाएंगे। कार्यक्रम का संचालन जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक सिंह ने किया। कार्यक्रम को बीएसए जगदीश प्रसाद शुक्ला, प्रभारी डीपीआरओ नित्यानंद, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आईए अंसारी ने अपने विचार व्यक्त किया। इस दौरान अधीक्षक डॉ. हीरालाल, रामशरन गुप्ता, बीईओ हेमंवत कुमार, विमल प्रकाश दूबे, जितेंद्र यादव, ओमप्रकाश चौबे, मेजर सुबेदार यादव, दिनेश राम त्रिपाठी, अबु तलहा, वृजेश विश्वकर्मा, रफीउल्लाह लारी आदि मौजूद रहे।