महराजगंज। आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन की जिला कमेटी की ओर से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना दिया गया। इसके पहले संगठन के अधिकांश पदाधिकारी लखनऊ धरना देने गए थे। जहां लाठी चार्ज कर सभी को हटा दिया गया था। इसके बाद शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट के सामने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरना देकर मानदेय में वृद्धि की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक मानदेय में वृद्धि नहीं की जाएगी, तब तक वह कामकाज नहीं करेंगी। प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार पर डंडे के बल आंदोलन दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। मांगें मनवाने के लिए संघर्ष और तेज किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष छाया भारती ने आरोप लगाया कि लखनऊ में विधानसभा के सामने 24 अक्टूबर को धरना दे रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे, इसके बावजूद उन पर लाठियां बरसाई गईं। सरकार लोकतंत्र का गला घोटने में लगी है। उन्होने कहा कि मानदेय बढ़ाने की मांग करना कोई गुनाह नहीं है। लाठीचार्ज करा कर सरकार आंदोलनकारियों को भयभीत करना चाहती है लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि संगठन अब आरपार की लड़ाई लड़ेगा। कार्यकर्ता आंगनबाड़ी केंद्रों पर मानदेय में वृद्धि होने तक काम नहीं करेंगे।
जिला संरक्षक राधेश्याम मौर्य ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार मनमानी पर उतारू है। आंगनबाड़ी वर्कर अधिकार की लड़ाई लड़ने के एकजुट हैं। उन्होंने आगाह किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता दबाव में नहीं आएंगे और वजन दिवस का बहिष्कार बनाकर आंदोलन को सफल बनाने की कोशिश करेंगे। इस दौरान शोभा यादव, पुष्पा देवी, सुधा, रंभा, संगीता, नाजमा, ज्ञानमती देवी, राधिका, रुक्मिणी, अफसाना, सरोज जायसवाल, सावित्री के अलावा तमाम वर्कर मौजूद रहे।