महराजगंज। सीएम के आश्वासन के बाद शिक्षामित्रों ने बुधवार को विद्यालय पहुंचे और पठन-पाठन में जुट गए। इसके साथ ही स्कूलों की रौनक बढ़ गई।
वर्षों की सेवा देने के बाद बीते साल सहायक शिक्षक के रूप में समायोजित हुए जिले के 1903 शिक्षामित्रों के समायोजन को देश की सर्वोच्च अदालत ने निरस्त कर दिया। जिससे आहत शिक्षा मित्र आन्दोलन की राह पर चले गए। चरणवार आंदोलन के क्रम में शांतिपूर्ण आन्दोलन कर रहे शिक्षामित्रों ने अधिकारियों से भिक्षाटन भी किया। इस बीच मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों को ठोस आश्वासन देकर काम पर लौटने की सलाह दी।जिसके बाद आन्दोलन छोड बुधवार को शिक्षामित्र अपने विद्यालय पहुंचे और पूर्व की भांति पठन पाठन कार्य को पुन: आरंभ करते हुये व्यवस्था को पुन: पटरी पर लाने की कोशिश में जुट गए। शिक्षामित्रों के विद्यालय में लौटने से एक बार विद्यालय की खोई रौनक लौट गई। जनपद के प्राथमिक विद्यालय छपिया, पकड़ी विशुनपुर, परतावल प्रथम व द्वितीय, परसा बुजुर्ग, बरगदही, धानी, समेरा चंद्रौली आदि स्कूलों पर शिक्षामित्र पहुंचे।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा संघ के जिला संरक्षक सनंदन पांडेय ने कहा कि सीएम पर भरोसा है। उम्मीद है कि सरकार कुछ बेहतर करेगी। अध्यादेश लाकर सरकार समस्या का समाधान कर सकती है। जिले में सभी शिक्षा मित्र दायित्व निर्वहन में जुट गए हैं। प्रदेश सरकार को चाहिए कि अब कारगर कदम उठाए, जिससे शिक्षामित्रों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।