महराजगंज। सोमवार को सावन की फुहारों के बीच शिवालयों में श्रद्धालु उमड़ पडे़। पहला सोमवार होने के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान शिव को जलाभिषेक किया। हर हर महादेव की जयकारा चारो तरफ गूंज उठा। श्रद्धालु भोर में ही मंदिर पहुंच गए। वर्षा कर रिमझिम फूहारों के बीच शिवभक्तों ने विधिविधान के साथ पूजा किया। जिले में सभी शिव मंदिरों पर भीड़ को देखते हुए खास इंतजाम किए गए थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह जगह बैरियर लगाए गए थे।
नगर में सिंचाईं कालोनी स्थित शिव मंदिर पर लोग पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किए। विधिविधान के साथ पूजा अर्चना कर लोग घर को लौटे। सुबह से ही रिमझिम फुहारों ने मौसम को खुशनुमा कर दिया। लेकिन भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा और विश्वास की भावना रखने वाले श्रद्धालु घर से मंदिर की ओर निकल पडे़। सिंचाईं कालोनी शिव मंदिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्र में कटहरा शिव मंदिर पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। ग्रामीण क्षेत्रों के ही नहीं शहरी क्षेत्रों से भी लोग यहां पूजा अर्जना करने पहुंचे। हरखा प्यास गांव के रहने वाले श्रीकृष्ण पाण्डेय ने कटहरा शिव मंदिर पूजा किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था की देन है कि लंबी दूरी भी कम लगती है।
ठूठीबारी और निचलौल प्रतिनिधि के अनुसार मिनी बाबा धाम के नाम से प्रसिद्ध पंचमुखी शिव मंदिर ईटहियां मे भगवान शंकर को जल चढ़ाने के लिए शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भारत नेपाल सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र के ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के ईटहियां में सदियों पुराना पंचमुखी शिवमंदिर में शिवलिंग उत्पत्ति है जो शिव भक्तों के आस्था का प्रमुख केन्द्र है। यहां शिवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। सोमवार सावन माह का पहला दिन सोमवार होने के कारण बाबा भोले नाथ को जल चढ़ाने के लिए महराजगंज, परतावल, फरेंदा, नौतनवां, सोनौली, गोरखपुर, बस्ती, परसामलिक, बरगदवां, ठूठीबारी समेत पड़ोसी मुल्क नेपाल के नवलपरासी, दाउन्ने, बर्दघाट, चोरमारा, त्रिवेणी, सूर्यपुरा, बेलाटारी, भुजहवां, अमानीगंज, महेशपुर तथा बिहार राज्य से भी बड़ी संख्या में शिव भक्त त्रिवेणी धाम से गंगा जल भर कर पंचमुखी भोले नाथ को जलाभिषेक कर अपने परिवार की सलामती के साथ देश में अमन चयन की कामना की। मान्यता है की सावन महीने में भगवान शंकर को बेल पत्ती, गाय का दूध, जल मात्र चढ़ाने से बाबा भोले नाथ प्रसन्न होकर भक्तों की मुराद को पूर्ण करते है।
आकर्षक का केन्द्र रहा मौत का कुंआ
ठूठीबारी। सावन के पावन महीने में एक माह शिव मंदिर ईटहियां में मेला लगता है। इस अवसर पर बच्चों एवं नवजवानों के मनोरंजन के लिए मेले मे मौत का कुंआ ,झूला ,ट्रेन गाडी, चकरी, सर्कस आदि लगाया गया है, जो आकर्षक का केंद्र रहा है।