घुघली। क्षेत्र में 276 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहा है, लेकिन विभाग के भवन में महज 68 केंद्र ही संचालित है। 201 केंद्रों को प्राथमिक विद्यालय के भवन में संचालित किया जाता है। वहीं सात केंद्रों को शासकीय भवन में संचालित किया जाता है। सात केंद्र अभी आधे अधूरे हैं। छत लगा है, लेकिन प्लास्टर, बिजली, पानी नहीं है।
जानकारी के अनुसार, विभाग की ओर से 276 केंद्र चलाए जाते है। लेकिन धरातल पर केंद्र कही कही पर चलता नहीं आता है, जिसमें 68 केंद्र विभाग के अपने निजी भवन में संचालित होते हैं। आंगनबाड़ी के निजी भवनों में सात भवन अभी भी आधे अधूरे बने है। इन भवनों को बनवाने में न तो विभाग सक्रिय है और न ही ग्राम प्रधान।
विभाग की ओर बनवाए केंद्र में बच्चों के लिए कोई सुविधा भी नहीं है। न तो लाइट की व्यवस्था और ने ही पेयजल की व्यवस्था न ही समुचित बैठने का स्थान है। वर्ष 2018-19 से अब तक जिन गांवों में निर्माण हो रहे आंगनबाड़ी जोगिया गांव का कफवा टोला पर एक केंद्र, लक्ष्मीपुर खास में दो आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम सभा पचरुखिया में एक, गणेशपुर ने एक आंगनबाड़ी केंद्र में छत तो पड़ा है, लेकिन प्लास्टर, बिजली, पानी की व्यवस्था नहीं है। घुघली सीडीपीओ नीरजा गुप्ता ने बताया कि अधूरें केंद्रों को पूरा कराने के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।