तीसरे चरण के लिए शनिवार को तीन ब्लॉकों में 64.08 प्रतिशत मतदान हुआ। कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। एक बूथ पर बैलेट पेपर में प्रत्याशी के पसंद का चुनाव चिह्न न होने पर एक घंटे तक मतदान रुका रहा। अधिकारियों के हस्तक्षेप के एक घंटे बाद मतदान शुरू हुआ।
तीसरे चरण के मतदान के लिए सिसवा, निचलौल और मिठौरा ब्लॉक में सुबह सात बजे से मतदान शुुरू हुआ। शुरुआती दौर में कुछ मतदान केंद्रों पर संख्या कम थी लेकिन समय के साथ बढ़ती गई।
सिसवां ब्लॉक के मुड़ेरी चौबे बूथ नंबर 133 पर एक-एक घंटे तक मतदान रुका रहा। यहां क्षेत्र पंचायत सदस्य के मतदान के लिए बैलेट पेपर में एक प्रत्याशी का चुनाव चिह्न ही नहीं था।
इसको लेकर उसने हंगामा किया। हंगामा और विरोध के बाद एक घंटे तक मतदान रुका रहा। प्रत्याशी का कहना था कि वह चुनाव चिह्न कुआं लेकर प्रचार किया। जब बैलेट पेपर आया तो उसमें कुआं की जगह गिलास था।
बाद में अधिकारियों के पहुंचने के बाद बताया गया कि चुनाव चिह्न के आवंटन और वापसी के समय एक प्रत्याशी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इससे उनका क्रम आठ की जगह सात आ गया और सात पर गिलास चुनाव चिह्न है।
बाद में पता चला कि चुनाव चिह्न आवंटन के दौरान प्रत्याशी गया ही नहीं था। इस दौरान एक घंटे तक मतदान रुका रहा। इसके अलावा निचलौल और मिठौरा ब्लॉक में भी शांतिपूर्ण मतदान हुआ।
कहीं से कोई अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली। प्रेक्षक अरविंद कुमार, डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव और एसपी भारत सिंह यादव ने कई बूथों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश दिए।
तीसरे चरण में सिसवा, निचलौल और मिठौरा ब्लॉक में कुल 2269 प्रत्याशी अखाड़े में हैं। इसमें जिला पंचायत सदस्य के लिए 231 प्रत्याशी और क्षेत्र पंचायत के लिए 2038 मैदान में हैं।
डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि तीसरे चरण में 64.08 प्रतिशत मतदान हुआ। नए मतदाताओं और महिलाओं की अच्छी भागीदारी रही।