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राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ कुल 4343 वादों का निस्तारण

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राष्ट्रीय लोक अदालत में 4343 वादों का निस्तारण
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फोटो
फिर एक दूजे के हुए तीन परिवार, बैंकों के कुल 865 वाद निस्तारित
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 4343 वादों का निस्तारण किया गया। तीन परिवारों का पुनर्मिलन कराया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश अमरनाथ सिंह ने किया। इस अवसर पर अन्य न्यायाधीश मौजूूद रहे।
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जनपद न्यायाधीश अमरनाथ सिंह ने मोटर दुर्घटना के आठ प्रतिकर वाद का निस्तारण कर 36.20 लाख रुपये प्रतिकर दिलाया गया। अपर जिला जज ने दो मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद से 1.91 लाख रुपये जमा कराया। सीजेएम ने फौजदारी के 465 वादों का निस्तारण कर 38,930 रुपये अर्थदंड वसूला। सिविल जज प्रवर खंड ने फौजदारी के एक वाद का निस्तारण कर पांच उत्तराधिकार वादों का निस्तारण कर 35.60 लाख, सिविल जज अवर खंड ने दो वादों का निस्तारण कर 1.14 लाख का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी कराया। सिविल जज अवर खंड ने फौजदारी के 343 वादों का निस्तारण कर 35,800 रुपये अर्थदंड वसूली कराया। इसके अलावा राजस्व व चकबंदी न्यायालयों की ओर से 1136 लंबित वादों तथा 1349 प्री लिटिगेशन वादों का निस्तारण कर 2.24 लाख रुपये अर्थदंड के रूप में वसूला गया। वन विभाग ने भी 6.52 लाख रुपये की वसूली की। बैंकों ने 865 वादों का निस्तारण कर 66 लाख 88 हजार 796 रुपये जमा कराएं। इसमें सर्वाधिक एसबीआई ने 434, पूर्वांचल बैंक ने 171, इलाहाबाद बैंक ने 20, पीएनबी ने 19 तथा भारत संचार निगम लिमिटेड ने 178 मामलों का निस्तारण किया। इस लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेंद्र बहादुर सिंह ने तीन पारिवारिक मामलों में तीन परिवारों का पुनर्मिलन कराया। इनके नाम अनीता-अवधेश, पिंकी-धर्मेंद्र व रहीसुननिशा-नैमुददीन हैं।
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