अब तक केवल 3,35,048 लाभार्थियों का बन चुका है कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने की रफ्तार तेज नहीं हो पा रही है। अब ग्राम प्रधानों को प्रतिदिन एक कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी दी गई है। जिले में अब तक 6,30,928 लाभार्थियों को गोल्डन नहीं बना है।
जानकारी के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के तहत जिले में 2,35,504 लाभार्थी परिवार योजना में शामिल हैं। परिवार में सदस्यों को मिलाकर करीब 9,65,974 लोगों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना है, लेकिन 3,35,048 सदस्यों का ही गोल्डन कार्ड बनाया जा सका है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लॉकों में आयुष्मान मित्र की तैनाती की गई है।
गांव स्तर पर गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी पंचायत सहायकों को भी दी गई है। इसमें आशा कार्यकर्ता भी भूमिका रही हैं। इसके बावजूद रफ्तार नहीं बढ़ी तो अब ग्राम प्रधानों को भी शामिल कर लिया गया है। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी नीरज कन्नौजिया ने बताया कि सभी ग्राम प्रधान अपने गांव में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनवाने में सहयोग करेंगे। प्रतिदिन एक गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अन्य कर्मियों को दायित्व के प्रति सचेत रहने की हिदायत दी गई है।
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कोट
ग्राम प्रधानों को गोल्डन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। रोज कम से कम एक कार्ड प्रत्येक ग्राम प्रधान को बनवा है।
यावर अब्बास, जिला पंचायत राज अधिकारी
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22,285 लाभार्थियों ने कराया इलाज
उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि 23 फरवरी 2023 तक आयुष्मान भारत योजना के तहत 22,285 लाभार्थियों ने इलाज कराया है। आयुष्मान कार्ड से इलाज कराने के लिए 28 अस्पताल पंजीकृत हैं। इनमें 12 निजी तथा 16 सरकारी अस्पताल शामिल हैं।