‘सम्मान’ पाने के लिए दर-दर भटक रहे किसान
तहसीलों में खतौनी निकालने के लिए लगा रहे लाइन
किसान सम्मान योजना की जानकारी न मिलने से हो रही परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। किसान सम्मान योजना के तहत लाभ पाने के लिए किसान कागजात तैयार करवाने में जुट गए हैं। तहसीलों में खतौनी निकालवाले के लिए किसानों की ज्यादा भीड़ जुट रही है। हालांकि योजना की जानकारी संबंधित कर्मचारियों को पूरी तरह से नहीं होने पर किसानों को परेशानी हो रही है। योजना के तहत किसानों को साल में छह हजार मिलने हैं। पहली किस्त दो हजार रुपये मिलेगी।
अंतरिम बजट में केंद्र सरकार ने किसानों को तीन किश्तों में छह हजार देने की घोषणा की है। इसकी प्रथम किश्त दो हजार रुपये सरकार चुनाव के पहले ही भेजने की तैयारी में है। योजना दो हेक्टेयर तक के किसानों के लिए ही लागू की गई है। इसको लेकर जिले के सभी तहसीलों में किसानों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। बताया जा रहा है कृषि विभाग में पंजीकृत करीब दो लाख, 90 हजार किसानों का सत्यापन कर पात्र किसानों को चिह्नित किया जा रहा है। वहीं, गैर पंजीकृत किसानों का ब्यौरा राजस्व विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है।
योजना के तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानाें को योजना का लाभ दिया जाना है। डाटा तैयार कर किसानों से स्वप्रमाणित घोषणा पत्र, आधार, बैंक खाता संख्या आदि कागजात जमा करने हैं। इसके लिए लेखपाल व अन्य कर्मचारियों को जिम्मेदारी दी गई है। बुधवार को सदर तहसील में किसानों की भीड़ लगी रही। किसान दिनेश चंद पांडेय, रामसूरत प्रसाद, संतराज प्रसाद आदि ने कहा कि योजना को लेकर कोई सटीक जानकारी देने वाला नहीं है। इस वजह से दिक्कत हो रही है। सीडीओ राम सिंहासन प्रेम ने कहा कि किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को लाभान्वित करने के लिए लेखपालों व विकास विभाग के कर्मियों को लगाया गया है। राजस्व विभाग की ओर से तैयार डाटा के आधार पर किसानों के स्वप्रमाणित घोषणा पत्र, बैंक पासबुक, आधार की प्रति लेकर कार्रवाई करेंगे।