महराजगंज। जिले में कुल 185 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। इनमें से अभी करीब डेढ़ सौ भवन अधूरे हैं जबकि इन सभी भवनों का निर्माण कार्य हर हाल में 31 दिसंबर 2017 तक पूरा करने को कहा गाय है। अब यह कहा जा रहा है कि करीब तीन में करीब डेढ़ सौ आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का कार्य कार्यदायी संस्थाएं कैसे पूरा कर पाएंगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण की जिम्मेदारी दो विभागों को सौंपी गई। जिसमें से 110 आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और 75 केंद्र भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी निर्माण खंड विकास अधिकारी कार्यालय को दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी राम सिंहासन प्रेम ने कार्यदायी संस्थाओं को 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का कार्य हर हाल में 30 सितंबर तक पूरा करने के लिए कहा था लेकिन अब तक सिर्फ 21 आंगनबाड़ी केंद्र भवन ही बन पाए हैं। उधर, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी अजात शत्रु शाही ने बताया कि बीते मई माह में मुख्यमंत्री की बैठक में छह माह के अंदर सभी भवनों का निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए कहा गया था। अब दोनों कार्यदायी संस्थाओं को सभी आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के निर्माण का कार्य 31 दिसंबर 2017 तक हर हाल में पूरा करने का अल्टीमेट दिया गया है। निर्माण एजेंसियां जिन 21 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य पूरा होने की बात बता रही हैं, उन सभी की तकनीकी जांच कराई जाएगी। उसके बाद हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि यह जानकारी भी मिल रही है कि कुछ भवनों को विभाग ले लिया है। जिसकी पत्रावली खंगाली जा रही है। कुछ ऐसे भवनों को विभाग ने ले लिया है, जिनका निर्माण अभी पूरी ही नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र भवन के निर्माण पर 8.06 लाख रुपये खर्च होने हैं। करीब 650 वर्ग फीट में बनने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों में पांच लाख मनरेगा, दो लाख विभागीय मद तथा 1.06 लाख ग्राम पंचायत निधि से खर्च किया जाना है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने भूमि संबंधी समस्या बताई है। विभाग का कहना है कि किसी गांव में भूमि विवादित है तो कहीं आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भूमि उपयुक्त नहीं है। कुछ जगहों पर सीमा विवाद की वजह से भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। भूमि संबंधी समस्या जिन गांवों में ज्यादा है, उनमें सदर, घुघली, पनियरा, धानी, लक्ष्मीपुर, नौतनवां और निचलौल ब्लॉक के ग्राम सतभरिया, गंगराई, डोमरा, तेन्दुअहिया, बैसार, दुबौली, बेलवां टीकर, नईकोट, देवघट्टी, पिपरा, सुकरौली, पैसियाबाबू, गनेशपुर, परसामलिक, विशुनपुरा, मुड़िला तथा धमऊर आदि शामिल हैं। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि 20 केंद्रों के निर्माण के लिए भूमि सहित अन्य समस्या होने के कारण निर्माण संभव नहीं है। संबधित केंद्रों पर भूमि संबंधी विवाद आए दिन उत्पन्न होते रहते हैं।