ई-पॉस मशीन में छेड़छाड़ रोकने को नई पहल
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। कोटेदारों के यहां से राशन वितरित किए जाने व ई-पॉस मशीन से छेड़छाड़ रोकने के लिए शासन की ओर से नई पहल की गई है। अब राशन वितरण के लिए केवल कोटेदार ही ई-पॉस मशीन को खोल पाएंगे। दुकान के 50 मीटर की परिधि में ही कार्डधारकों को राशन वितरण कर सकेंगे। दूसरी जगह ले जाने पर मशीन काम नहीं करेगी। लखनऊ एनआईसी की ओर से तैयार किए गए साइट पर प्रदेश भर के कोटेदारों का आधारकार्ड के साथ ही मोबाइल नंबर भी फीड किया जा रहा है। इसके साथ ही कोटे की दुकानों की जियो टैगिंग भी की जा रही है। छह महीने पहले प्रदेश में पश्चिम के कुछ जिलों में ई-पॉस मशीन से छेड़छाड़ की शिकायत मिलने पर राशन वितरण की पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे थे। इस मामले में कुछ दुकानों के लाइसेंस भी निलंबित किए गए थे। शासन ने एसआईटी से मामले की जांच भी शुरू करा दी है।
आरोपी कोटेदारों ने ऑपरेटरों पर ही ई-पॉस मशीन से छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उसी के बाद शासन ने बेहतर व्यवस्था लागू करने के लिए नई पहल की है। इसी माह से अब जब कोटेदार ई-पॉस मशीन में अपना आधार और मोबाइल नंबर डालेंगे तभी मशीन कार्य करना शुरू करेगी। कोई दूसरा अगर चाहे तो मशीन नहीं खोल पाएगा।
जिला पूर्ति अधिकारी गौरी शंकर शुक्ला ने बताया कि जिले में कुल 1047 कोटेदार हैं। इनमें ग्रामीण इलाकों में 993 और शहर क्षेत्र में 54 कोटेदार हैं। शासन की ओर से शुरू की गई व्यवस्था के तहत सभी कोटेदारों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एक मार्च तक सभी कोटेदार अपना मोबाइल नंबर और आधार कार्ड संबंधित पूर्ति निरीक्षक के पास जमा कर देंगे। इसके बाद निर्धारित प्रोफार्मा में पूरा विवरण भरकर पूर्ति निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराएंगे। ताकि लखनऊ के संबंधित साइट पर विवरण अपलोड कराया जा सके। इसके साथ ही सभी दुकानों की जियो टैगिंग भी कराई जाएगी। जिले में करीब 700 दुकानों की जियो टैगिंग कराई जा चुकी है। अन्य 347 दुकानों की जियो टैगिंग के कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे। अगले महीने से इस व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। जियो टैगिंग के बाद संबंधित दुुकान अथवा उसकी 50 मीटर की परिधि में भी कार्डधारकों को राशन वितरण किया जा सकेगा। निर्धारित से अधिक दूरी से राशन वितरण नहीं किया जा सकेगा। उन्होंने सभी कोटेदारों को चेतावनी दी कि यदि निर्धारित तिथि तक आधार कार्ड और मोबाइल नंबर पूर्ति निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराएंगे तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।