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तिरंगे में लिपटे तराई के लाल की एक झलक पाने को टूट पडे लोग

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पंकज की शहादत पर रोया जर्रा-जर्रा
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तिरंगे में लिपटे तराई के लाल की एक झलक पाने को टूट पडे़ लोग
जाति, धर्म और दल की दीवारें तोड़ अंतिम यात्रा में शामिल हुए
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। पंकज की शहादत पर जर्रा-जर्रा रो रहा है। चेहरे पर आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ गुस्से का भाव है। फरेंदा थाना क्षेत्र के हरपुर बेलहिया टोला के सीआरपीएफ जवान पंकज त्रिपाठी अमर हो गए। अब उनकी यादें ही शेष हैं। शनिवार को हरपुर गांव से त्रिमुहानी घाट तक अंतिम यात्रा का दृश्य अविस्मरणीय रहेगा। हर तरफ ‘पंकज अमर रहे, भारत माता की जय’ की गूंज रही तो पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी खूब लगते रहे। शहीद पंकज की अंतिम यात्रा में जाति, धर्म और दल की दीवारें टूट गईं। सभी लोग नम आंखों से तराई के लाल को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे सेना की गाड़ी पर सीआरपीएफ जवान ताबूत में शहीद का पार्थिव शरीर लेकर हरपुर टोला बेलहिया पहुंचे तो एक झलक पाने को लोग टूट पडे़। रास्ते के दोनों तरफ लोगों की बेशुमार भीड़ थी तो घर की छतों पर महिलाओं और बच्चों का रेला लगा था। सीआरपीएफ के जवान और पुलिस कर्मियों ने ताबूत को दरवाजे पर रखा तो आंखों से आंसू छलक पडे़। रुंधे गले से लोग ‘पंकज अमर रहें’ के नारे लगा रहे थे साथ ही परिजनों को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे। तिरंगे में लिपटे ताबूत पर फूलमाला चढ़ाया गया। बेशुमार भीड़ के चलते जो जहां था, वहीं से शहीद पंकज को नमन किया और अंतिम यात्रा में शामिल हो गया। हाथ में राष्ट्रीय ध्वज लेकर लोग गांव से शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। घर से लेकर त्रिमुहानी घाट तक लोगों का रेला लगा रहा। अंतिम संस्कार के बाद सभी बोझिल मन से लोग अपने घरों की ओर रुखसत हुए।
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पुष्पवर्षा के बीच निकली शहीद की अंतिम यात्रा
महराजगंज। हरपुर गांव के टोला बेलहिया से शहीद पंकज की अंतिम यात्रा निकली तो लोगों पुष्प की वर्षा कर श्रद्धांजलि दी। आंखों में आंसू और हाथ में पुष्प लिए लोग तराई के लाल को अंतिम विदाई देने निकल पडे़। हरपुर से लेकर त्रिमुहान घाट तक रास्ते में जो जहां मिला, वहीं पुष्पांजलि अर्पित की।

सबके दिलों में जिंदा रहेंगे पंकज
महराजगंज। गांव की गलियों से लेकर सरहद तक के सफर को लोग याद करते हुए श्मशान घाट पर रो पडे़। शुभचिंतक, रिश्तेदार और मित्र आपस में चर्चा कर रहे थे कि गांव में जब भी कोई आयोजन होता था, पंकज हमेशा आगे रहते थे। उनकी सहृदयता के सभी कायल थे। पंकज के साथ बिताए पल को उनके दोस्त सिसकते हुए बयां कर रहे थे।
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गांव में बनेगा शहीद पंकज स्मृति-द्वार
महराजगंज। शहीद की अंतिम यात्रा में शामिल होने आए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ल ने कि शहीद सीआरपीएफ जवान पंकज का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने परिवार वालों को 25 लाख रुपये का चेक दिया। बताया कि शहीद परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। शहीद की पत्नी को 0.386 हेक्टेयर कृषि भूमि दी जाएगी। गांव में शहीद पंकज स्मृति द्वार बनेगा। शहीद पंकज स्मारक क्रीड़ा स्थली, स्मारक, मुख्य सड़क से शहीद के घर तक पथ प्रकाश की सुविधा होगी। बेलहिया प्राथमिक विद्यालय तक संपर्क मार्ग बनेगा। बेलहिया प्राथमिक विद्यालय का कायाकल्प कर शहीद पंकज के नाम इसका नामकरण होगा।
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