नौतनवा। भारत-नेपाल सीमा सोनौली स्थित पर्यट़न कार्यालय में अधिकतर समय ताला लटका रहता है और कर्मचारी नदारद रहते हैं। इस वजह से यहां आने वाले देशी व विदेशी पर्यटकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सोनौली में पर्यटन विभाग का तीन कक्षीय भवन 12 जून वर्ष 1998 को शुरू हुआ था। तात्कालिक पर्यटन व लोक निर्माण मंत्री कलराज मिश्र एवं तत्कालिक युवा कल्याण राज्यमंत्री अमर मणि त्रिपाठी ने इसका उद्घाटन किया था। कुछ साल तक इस भवन में पर्यटन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी बैठते रहे। बाद में कर्मचारियों ने कार्यालय आना बंद कर दिया। इस समय कार्यालय भवन झाड़-झंखाड़ से पट गया। भवन के दो कमरों में अब आव्रजन विभाग का कार्यालय चल रहा है। यहां प्रतिदिन 1000-1500 विदेशी पर्यटक वीजा-पासपोर्ट की जांच कराते हैं। पिछले दो साल में 112 देश के नागरिक सोनौली सीमा पहुंच चुके हैं, लेकिन इन्हें पर्यटन संबंधी जानकारी देने के लिए यहां पर्यटन विभाग का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं होता। इस संबंध में उप जिलाधिकारी नौतनवां मदन कुमार का कहना है कि पर्यटन कार्यालय में ताला बंद रहने की जानकारी मिली है। संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।