नेपाल पुलिस की गिरफ्त में किडनी रैकेट के पांच सदस्य
- रैकेट से जुड़े हैं कुछ भारतीय डॉक्टर, पहाड़ी क्षेत्र के युवक को पैसे का लालच देकर निकालते थे किडनी
- गोरखपुर, लखनऊ, दिल्ली व बंगलूरू में 20 से अधिक किडनी बेच चुका है रैकेट
अमर उजाला ब्यूरो
सोनौली (महराजगंज)। नेपाल पुलिस ने किडनी के अवैध कारोबार में लगे रैकेट के पांच सदस्यों को धर दबोचा है। इनसे पूछताछ में इस काले कारोबार में कुछ भारतीय डॉक्टरों के शामिल होने की जानकारी मिली है। रैकेट के सदस्य पहाड़ी इलाकों से युवकों को पैसे का लालच देकर ले आते थे और उनकी किडनी निकाल ली जाती थी। इसके बाद गोरखपुर, लखनऊ, दिल्ली और बंगलूरू में किडनी का सौदा किया जाता था।
नेपाल के चितवन जिले के डीएसपी प्रभु प्रसाद ठकाल ने सोमवार को बताया कि पुलिस को काफी समय से किडनी रैकेट के बारे में सूचना मिल रही थी। रैकेट के पांच सदस्यों को चितवन से गिरफ्तार कर लिया गया है। रैकेट के तार कुछ भारतीय डॉक्टरों से जुड़े होने की जानकारी मिली है। ये पैसे का लालच देकर गरीब नेपाली युवकों की किडनी निकालकर भारत में बेचने का धंधा करते थे।
डीएसपी ने बताया कि किडनी रैकेट की जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच के सात सदस्यीय टीम को सौंपी गई थी। टीम ने सबसे पहले रैकेट से जुड़े दुर्गा बहादुर को पकड़ा। उससे पूछताछ के आधार पर विक्रम, आकाश तमाड, लिम्बू थापा, विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया। ये पहाडी क्षेत्रों के गरीब व अशिक्षित युवकों को अपना शिकार बनाते थे। उन्हें पैसे का लालच देकर लाया जाता था और उनकी एक किडनी निकाल ली जाती थी।
पकड़े गए युवकों ने बताया है कि वे गोरखपुर ,लखनऊ, दिल्ली व बंगलूरू में 20 से अधिक किडनी बेच चुके हैं। किडनी निकाले और बेचने के इस धंधे में कुछ भारतीय डॉक्टर भी शामिल हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि नेपाली युवकों को होटलों में रखा जाता है। चेकअप की प्रकिया पुरी होने के बाद उनकी एक किडनी निकाल ली जाती है। 10 दिनों के बाद युवकों को कुछ रुपये देकर उनके घर भेज दिया जाता है। पकडे़ गए युवकों के खिलाफ मानव तस्करी समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। डीएसपी ने बताया कि इस संबंध में भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया है। रैकेट से जुड़े भारतीय डॉक्टरों की तलाश हो रही है।