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गरीबों के दाखिला से कतरा रहे निजी स्कूल

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गरीबों के दाखिला से कतरा रहे निजी स्कूल
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286 बच्चों के दाखिला के लिए चयनित हैं 50 स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिला प्रशासन व बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से प्रचार प्रसार न किए जाने के कारण निजी स्कूलों में सीटों के अनुपात में गरीब बच्चों को दाखिला नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अब हर निजी विद्यालयों में गरीब बच्चों के लिए 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क प्रवेश दिए जाने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत जिले में 471 आवेदन भी आए हैं और इसमें से 286 बच्चों का प्रवेश लेने के लिए 50 स्कूलों को निर्देश भी दिए गए हैं। उधर, कई निजी विद्यालयों में पिछले वर्ष की फीस की प्रतिपूर्ति न मिलने से बच्चों को लौटा देने की शिकायत भी सामने आई है।
जिले में करीब 750 मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं। सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता दयनीय होने से गरीब वर्ग के बच्चों का रुझान निजी स्कूलों की तरफ बढ़ा है। शासन की ओर से निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को सीटों के सापेक्ष 25 प्रतिशत दाखिला दिलाना होता है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार वर्ष 2018-19 में निजी स्कूलों में दाखिला के लिए ग्रामीण क्षेत्र में कुल 407 आवेदन आए थे। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में प्रथम चरण में 58, द्वितीय चरण में 129 और तृतीय चरण में 220 आवेदन आए थे। वहीं, शहर क्षेत्र में में कुल 64 आवेदन आये थे। जिसमें प्रथम चरण में 6, द्वितीय चरण में 32 और तीसरे चरण में कुल 26 आवेदन आए थे। बताया जाता है कि 286 में करीब 20 प्रतिशत बच्चों का दाखिल अब तक नहीं हो पाया है। बीते दिनों बीएसए कार्यालय शिकायत करने गए अभिभावक रामानंद प्रसाद ने बताया कि निजी स्कूल में दाखिला दिलाने के बाद बच्चे को पीछे बैठाया जाता है। किताब कापी देने में भी लापरवाही की जा रही है। शासन की ओर से गरीब बच्चों के नामांकन पर निजी स्कूलों को प्रति बच्चा 4500 रुपये वार्षिक फीस प्रतिपूर्ति दी जाती है। लेकिन वर्ष 2017-18 में तीन माह की फीस प्रतिपूर्ति ही शासन स्तर से जारी की जा सकी। इसके चलते इस वर्ष गरीब बच्चों का दाखिला लेने में निजी विद्यालय कतरा रहे हैं।
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बीएसए जगदीश शुक्ला ने बताया कि नियम के तहत ही गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाती है। अगर विद्यालयों द्वारा नियम का पालन नहीं किया जा रहा है तो उनके खिलाफ प्रशासन को कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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