महराजगंज। बेहद साहस व संवेदनशीलता का परिचय देते हुए वन विभाग घायल तेंदुए को बचाने में कामयाब रहा। तेंदुए को बचाने में वनकर्मियों के साथ प्रभागीय वनाधिकारी की धर्मपत्नी वैशाली एवं पशु चिकित्सकों ने भी पूरी हिस्सेदारी व जिम्मेदारी निभाई। प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने भी अच्छी तरह से अपना कर्तव्य निभाया।
रविवार को सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के दक्षिणी चौक के नाथ नगर बीट के पोटहा नाले में पानी के अंदर तेंदुए के अचेतावस्था में पड़े होने की सूचना मिली तो प्रभागीय वनाधिकारी ने क्षेत्रीय वनाधिकारी को हर हाल में तेंदुए को बचाने का निर्देश दिया। हिदायत को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय वनाधिकारी डीएस तिवारी सहयोगी वनकर्मियों के साथ काम में जुट गए। उन्होंने बताया कि वनरक्षक श्यामधर पांडेय व माली जयगोविंद तत्काल मौके पर पहुंच गए। तेंदु़ए को पानी से निकालने से पहले उसकी गतिविधियों की जानकारी ली गई। पानी से निकालने के बाद तेंदुआ बार-बार गिर रहा था। मतलब पूरी तरह से अचेत था। वहां डर के मारे वनटांगिया भी सहयोग के लिए आगे नहीं आए। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इसके बाद माली जयगोंविद व वनरक्षक श्यामधर पांडेय ने जान जोखिम में डालकर तेदुआ के पीछे और आगे के पैरों को बांध दिया। एहतियात के तौर पर तेदुए के मुंह को भी गमछे से बांध दिया गया। वनरक्षक बाइक चला रहे थे जबकि माली तेंदुए को बाइक पर लाद कर स्वयं पीछे बैठ गया। तेदुए का मुंह जिस गमछे से बांधा था उसे माली पकड़े हुए था।