महराजगंज। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संक्रामक रोगों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। जिले के अलग-अलग बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से एईएस से प्रभावित मरीजों जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। शनिवार को जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में कुल आठ मरीज भर्ती मिले। इनमें एक ही परिवार के दो बच्चे एईएस से प्रभावित हैं। इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम अस्पताल प्रशासन की ओर से बनाई गई है।
शनिवार को जिला अस्पताल में बेइली गांव के परमजीत के दो पुत्र एक ही साथ जिला अस्पताल के जेई-एईएस वार्ड में भर्ती किए गए। परमजीत ने कहा कि पहले छोटे बेटे 8 महीने के सुदीप को बुखार हुआ। दूसरे दिन ही बड़े बेटे सुधीर (05) को बुखार हो गया। स्थानीय डॉक्टर के इलाज से फायदा नहीं हुआ तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पनियरा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के विंद्रेश कहते हैं कि बाढ़ के पानी से जब गांव जलमग्न हुआ तो बेटी आकृति को लेकर ऊंचे स्थान पर रहने लगा। दूसरे दिन ही बुखार हो गया तो दवा दी। दवा के असर से बुखार उतर गया लेकिन फिर चढ़ गया। हालत बिगड़ती देख जिला अस्पताल लाया जहां डाक्टरों ने भर्ती कर लिया है। वहीं बागापार क्षेत्र के अमरूआ टोले पर जब बाढ़ आई तो इस इस टोले के लोग जानकी मंदिर में रुके। इस टोले के ही रघुबर कहते हैं कि मंदिर में ही तीन वर्षीय बेटे पवन को बुखार आने लगा। वहां जो स्वास्थ्य सेवा रही उससे ही इलाज हुआ लेकिन बुखार ठीक नहीं हुआ तो जिला अस्पताल लाया यहां डाक्टर ने कहा कि बच्चे को एईएस हो गया है और भर्ती कर लिया। ठूठीबारी क्षेत्र के बोदना गांव की रहने वाली नेहा (08) 23 अगस्त से भर्ती हैं। डाक्टर ने कहा कि एईएस हुआ है। मिठौरा क्षेत्र के हरतोडवा गांव की आरुषी (08) पुत्री श्यामबदन भी भर्ती हैं। चेहरी क्षेत्र के बाबू राम पुत्र छांगुर भी एईएस के प्रकोप से भर्ती है जिनका इलाज चल रहा है। वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स कामिनी मैसी, विशेष पटेल, मुकेश कुमार मरीजों की देख रेख में लगे रहे।
संक्राम रोगों से बचने के यह करे उपाय
सीएमएस डाक्टर आरबी राम ने कहा कि पानी घट रहा है। संक्रमण की संभावना बढ़ रही हैं। इसके लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। फूल आस्तीन के कपडे पहने, घर के आस पास जल जमाव न होने दें। इनता ही नहीं अगर कहीं जल जमाव है तो केरोसिन डाले जिससे मच्छरों को प्रकोप कम हो जाएगा। इंडिया मार्क हैंडपंप का पानी पिए और हैंडपंप में क्लोेेरिन का टेबलेट डाल दें। जिससे की जल जनित रोग की आशंका कम हो जाती है।
डॉक्टरों की टीम बाढ़ क्षेत्र में लोगों को जागरूक करेगी : सीएमओ
महराजगंज। सीएमओ डा. क्षमा पांडेय शनिवार को पत्रकार वार्ता में कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संक्रामक रोग की रोकथाम लिए टीमें लगी हुई हैं। जेई-एईएस की रोकथाम के लिए डॉक्टरों की टीम गठित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा। बताया कि संक्रामक रोग मच्छरों से ही फैलते हैं। अगर लोग इसके बचाव के बारे में जागरूक हो तो जेई-एईएस से होने वाली मृत्यु दर में कमी आ सकती है। जब बरसात में जगह-जगह जल जमाव से मच्छरों का प्रकोप बढ़ जाता है और संक्रामक बीमारियां होने लगती हैं। एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने संक्रामक रोग से बचाव के बारे में बताया। कहा कि सभी लोग इंडिया मार्का हैंडपंप में क्लोरिन की गोली डालकर जल का सेवन करें। बासी भोजन न करें। एसीएमओ डा. आईए अंसारी ने जिले में बाढ़ चौकियों के बारे में बताया। कहा कि जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी और बाढ़ चौकियों पर पर्याप्त मात्रा में दवाएं उपलब्ध हैं।