महराजगंज। शिक्षक भवन मेें उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द होने से शिक्षण व्यवस्था पर पड़ रहे विपरीत प्रभाव पर चर्चा हुई। साथ ही शिक्षामित्रों का साथ देने का निर्णय लिया गया।
जिलाध्यक्ष हाजी मुहम्मद यासीन ने कहा कि जबसे शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द हुआ है, परिषदीय स्कूलों में शिक्षा की व्यवस्था चरमरा गई है। ऐसे में शिक्षा सत्र के प्रारंभ होते ही शिक्षामित्रों का समायोजन निरस्त होना उचित नहीं है। प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों के बारे में सोचते हुए हुए उन्हें पूर्व की भांति कार्य करने का शासनादेश जारी करने की मांग की गई। जिला महामंत्री केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि 17 वर्षों से कार्य कर रहे शिक्षामित्रों को पृथक करने से अध्ययनरत बच्चों के साथ धोखा हुआ है। संगठन भी जायज मांगों को पूरा कराने के लिए शिक्षामित्रों के साथ खड़ा है। शिक्षामित्रों के हक की लड़ाई लोकतांत्रिक ढंग से लड़ी जाएगी। स्कूलों में पठन-पाठन व्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए समायोजित शिक्षा मित्रों की तैनाती जरूरी है। इस मौके पर हरीश शाही, सत्येन्द्र कुमार मिश्र, लालबिहारी, विरेंद्र सिंह,राघवेन्द्र पांडेय, मनौवर अली, अभय दूबे, कैलाश पति चौबे, धनप्रकाश त्रिपाठी, हरिश्चंद्र चौधरी, आनंद पाल गौतम, दिनेश सिंह, विन्द्रावाती, दिनेश त्रिपाठी, उमेश सिंह, रामसमुझ आदि मौजूद रहे।